रांचीः झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के लिए हाथ डाला है. जांच एजेंसी ने मामले में ECIR दर्ज कर ली है.
फिलहाल इस जांच में रांची, हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी से कथित फर्जी निकासी से जुड़ी प्राथमिकी को शामिल किया गया है.
ईडी की जांच के जद यह घोटाला शामिल होने के बाद नौकरशाहों के माथे पर बल पड़े हैं.
CID ने किया है टेकअप
गौरतलब है कि झारखंड के बोकारो तथा हजारीबाग में हुए ट्रेजरी घोटाले में सरकार के आदेश पर अपराध अनुसंधान विभाग के केस टेकअप कर लिया है.
हजारीबाग में करोड़ों के घोटाले को लेकर पूर्व में कोषागार पदाधिकारी ने लोहसिंघना थाना में कांड संख्या 32/26 के तहत आठ अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
इसी तरह बोकारो में हुए घोटाले को लेकर स्टील थाना में सात अप्रैल को कांड संख्या 62/26 के तहत प्राथमीक दर्ज कराई गई थी.
ट्रेजरी से करोड़ों की अवैध राशि निकासी से जुड़े इन दोनों मामलों पर अब अपराध अनुसंधान विभाग की विशेष टीम जांच कर रही है. साथ ही अलग से केस दर्ज किया गया है.
इन कांडों के बेहतर अनुसंधान हेतु पंकज कंबोज, पुलिस महानिरीक्षक मानवाधिकार झारखंड रांची की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है.
सरकार की जांच कमेटी
अवैध निकासी की उच्चस्तरीय जांच चल भी रही है. जांच समिति के अध्यक्ष उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव डा. अमिताभ कौशल हैं.
