रांची पुलिस ने कर्मचारी चयन आयोग, भारत सरकार (स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ) द्वारा जीडी कांस्टेबल परीक्षा में कंप्यूटर हैक कर फर्जीवाड़ा करने के मामले में दो परीक्षार्थी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है.
इनमें केंद्रीक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं. रांची के ग्रामीण एसपी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया है कि CAPF परीक्षा-2026 के संचालन के दौरान टाटीसिल्वे स्थित एक परीक्षा केंद्र पर कंप्यूर को हैक करने की कोशिशों में एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद एक छापेमारी दल का गठन कर कार्रवाई की गई है.
गठित छापामारी दल के द्वारा घटनास्थल पर पहुँचकर निरीक्षण प्रारंभ किया गया. जिसके उपरांत पाया गया कि उक्त ऑनलाईन परीक्षा केन्द्र के प्रथम तल के लैब-1 में एक परीक्षार्थी के द्वारा परीक्षा आरंभ होने के थोड़ी देर पूर्व परीक्षा केंद्र के निरीक्षक- संजीत कुमार के बताये अनुसार कंप्यूटर सिस्टम को रि-स्टार्ट किया गया है, जो परीक्षा संचालन के मानक प्रक्रिया के प्रतिकूल है.
कंप्यूटर सिस्टम के रि-स्टार्ट करने पर प्रथम दृष्टया ज्ञात हुआ कि इसे REMOTELY ACCESS किया जा रहा है, जिससे स्क्रीन के मिररिंग एवं सिस्टम के हैकिंग की प्रबल संभावना प्रतीत हुई.
परीक्षार्थी का नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम-मृत्युंजय कुमार यादव, पिता-रामाशीष यादव, पता-ग्राम-टाली डालचन्द, थाना-गुठनी, जिला-सिवान (बिहार) बतलाया.
परीक्षा केंद्र के अधीक्षक के घर से हैकिंग
इसके बाद अभ्यर्थी मृत्युंजय कुमार यादव एवं इनविजिलेटर संजीत कुमार से बारी बारी पुछताछ किये जाने पर इन दोनों के द्वारा अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि ऑनलाईन परीक्षा केंद्र के विपरीत दिशा में सड़क के पार अवस्थित राजू मुण्डा व्यक्ति के घर पर किरायेदार के रूप में परीक्षा केन्द्र के केन्द्राधीक्षक विकास कुमार एवं आईटी कर्मी मुन्ना राज रहते हैं.
उस घर में कंप्यूटर सिस्टम लगा कर परीक्षा केन्द्र में अधिष्ठापित सिस्टम को इंटरनेट एवं आई०पी० के माध्यम से ऑनलाईन हैक किया जाता है तथा परीक्षार्थी के प्रश्नपत्र हल कराये जाते है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि तथ्यों के सत्यापन उपरांत विकास कुमार एवं मुन्ना राज को भी गिरफ्तार किया गया है तथा उनके कब्जे से एक (01) कम्पयूटर सिस्टम, तीन (03) मोबाईल फोन, दो (02) विद्यार्थीयों के बैंक चेक सहित मूल शैक्षणिक एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद किये गये हैं. एक अन्य अभ्यर्थी संजीत कुमार को भी इस फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया गया है.
