धनबादः धनबाद के लोयाबाद थाना क्षेत्र स्थित बांसजोड़ा बस्ती में बुधवार को दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में घायल कांग्रेस समर्थित एक व्यक्ति किशुन रवानी की मौत हो गई है.
गुरुवार को पुलिस की सुरक्षा में किशुन रवानी का अंतिम संस्कार किया गया. इस बीच पुलिस ने हिंसा से जुड़े मामले में आजसू की नेता रजनी रवानी समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
गोलाबीरी और झड़प के मामले में अलग-अलग चार प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं. इनमें 76 लोग नामजद किए गए हैं.
इलाज के दौरान फरार हुए आजसू नेता हीरालाल महतो की तलाश जारी है. हीरालाल महतो के खिलाफ भी नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई है.
इस हिंसा से जुड़े मामले में रजनी रवानी ने भी एक प्राथमिकी दर्ज कराई है.
क्या बताया है ग्रामीण एसपी ने
गुरुवार को धनबाद के ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बुधवार, 20 मई को दोपहर करीब तीन बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि बांसजोड़ा बस्ती में दो पक्षों के बीच जमकर हंगामा और गोलीबारी हो रही है. सूचना मिलते ही लोयाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में घटनास्थल पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ मिली. वहीं कई चारपहिया वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त थे.
पुलिस ने घटनास्थल से छह चार-पहिया वाहन, एक देसी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
फायरिंग की इस घटना में किशुन रवानी और विष्णु प्रमाणिक घायल हो गए. जिसमें किशुन रवानी की मौत इलाज के दौरान हो गई. इसके अलावा झड़प में कई अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं.
पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि इस हिंसक झड़प में अलग-अलग तीन प्राथमिकियां दर्ज की गई है.
एक अन्य प्राथमिकी सरायढेला थाना पुलिस ने दर्ज की है, जिसमें हंगामा करने, सरकारी काम में बाधा डालने, हीरालाल के भागने और इसके लिए उसे सहयोग करने वालों को आरोपी बनाया गया है.
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस बलों की तैनाती की गई है. बांसजोड़ा क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है.
घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई में लोयाबाद के थाना प्रभारी के अलावा जोगता, बरोरा, सोनारडीह, मुनीडीह के थाना इंचार्ज के साथ पुलिसकर्मियों को भी स्थिति पर नजर रखने और माहौल को ठीक करने में लगाया गया.
गिरफ्तार लोगों का पैदल मार्च
पुलिस ने हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में आजसू की नेता रजनी रवानी के अलावा दोनों पक्षों के राजेश कुमार महतो, धर्मेंद्र महतो, मेराज अंसारी और अमित महतो, करण यादव जीतेंद्र सिंह उर्फ आयुष, कुंदन कुमार सिंह और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं. पुलिस ने गिरफ्तार लोगों को धनबाद मुख्य सड़क पर पैदल मार्च भी कराया.
गोलीकांड के आरोपी हीरालाल महतो की तलाश जारी
आजसू पार्टी के केंद्रीय सदस्य सह युवा आजसू के प्रदेश संयोजक हीरालाल महतो समेत आजसू के कई अन्य नेताओं, कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी में जुटी है.
सरायढेला थाने की पुलिस ने यह प्राथमिकी दर्ज की है.
सरायढेला और लोयाबाद थाना पुलिस अस्पताल परिसर और घटना स्थल के वीडियो फुटेज को भी खंगाल रही है ताकि हिंसा में शामिल अन्य लोगो की सटीक पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके.

हीरालाल महतो को एसएनएमएमसीएच में इलाज के दौरान पुलिस हिरासत से छुड़ाकर भागने के मामले में सरायढेला पुलिस ने 16 लोगों को नामजद और 30-40 को अज्ञात अभियुक्त बनाया है.
गोलीकांड के दो आरोपित को घायल हालत में अस्पताल लाया गया था. जबकि 40 से 50 समर्थक इमर्जेंसी के बाहर हंगामा कर रहे थे.
जब दोनों आरोपितों को सीटी स्कैन के लिए लाया जा रहा था, तभी हीरालाल बाहर निकलने वाले रास्ते की ओर मुड़ गया. और समर्थकों के सहयोग से भाग निकला.
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी हीरालाल के भागने का वायरल है, जिसमें वे खाली बदन, निकर पहने एक बाइक पर पीछे बैठे दिख रहे हैं. माथे और पैर पर बैंडेज लगा दिख रहा है. इससे पहले वह मीडिया को बयान भी दे रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक सरायढेला और लोयाबाद की पुलिस हीरालाल के छुपने के संभावित ठिकानों की टोह लेने में लगातार जुटी है.
पहली प्राथमिकी में रजनी, हीरालाल आरोपी
विष्णु प्रमाणिक के फर्दबयान पर पहली प्राथमिकी दर्ज की गई है. यानी हीरालाल दो मामले में अभियुक्त बनाए गए हैं.
विष्णु प्रमाणिक ने आरोप लगाया है कि बुधवार को दोपहर में रजनी रवानी अपने समर्थकों के साथ 6-7 चारपहिया वाहनों में बांसजोड़ा बस्ती पहुंची. वहां राम-रहीम के खिलाफ नारेबाजी और गीला-गलौच की गई. विरोध करने पर मारपीट शुरू हो गई. रजनी रवानी के कहने पर गोलीबारी की गई.

रजनी ने क्या आरोप लगाया
रजनी देवी ने शिकायत देकर आरोप लगाया है कि वह आजसू नेताओं के साथ कोयला चोरी से संबंधित आवेदन देने लोयाबाद थाना गई थी. लौटने के दौरान वेलोग बांसजोड़ा बस्ती में एक पेड़ के नीचे बैठकर पानी पी रहे थे.
इसी दौरान दो-ढाई सौ लोग डंडा, हथियार लेकर पहुंच गए और हमला कर दिया. गाड़ियों में तोड़फोड़ और मारपीट की गई. रजनी ने कई लोगों के नाम आवेदन में बताए हैं.
साथ ही कहा है कि उनलोगों ने दुष्कर्म करने की कोशिशें की.
पिछले साल 29 नवंबर को कतरास में एक कार्यक्रम में रजनी रवानी जेएलकेएम छोड़कर आजसू में शामिल हुई थीं.
अवैध खनन और सोशल मीडिया पर बयानबाजी
हिंसा को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा है कि अवैध कोयला खनन, कारोबार और सोशल मीडिया पर चल रहे कथित बयानबाजी और पुरानी रंजिश को लेकर बुधवार को तनाव हिंसा में बदल गया. पुलिस ने एक कार से पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं.
कांग्रेस समर्थकों का आरोप है कि कोयले के अवैध खनन में वर्चस्व कायम करने और कथित हिस्सेदारी को लेकर आजसू के नेताओं और समर्थकों ने हिंसा कराई. जबकि आजसू के नेता इन बातों पर जोर दे रहे हैं कि अवैध कारोबार का विरोध करने पर हमला किया गया. बांसजोड़ा और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला कारोबार लगातार पनप रहा है.
बुधवार को इस घटना के सामने आने के बाद आजसू पार्टी के नेताओं ने बयानबाजी शुरू कर दिया. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है.
गुरुवार की शाम आजसू के कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया. लेकिन पुलिस में दर्ज प्राथमिकी में आजसू नेताओं और समर्थकों पर आरोप संगीन लगे हैं.
पुलिस का दावा है कि सभी आरोपियों की जल्दी गिरफ्तारी की जाएगी.
राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि कई आरोपी धनबाद से बाहर निकलकर दूसरे जगहों पर ठौर लेने में जुटे हैं. पार्टी की छवि को लेकर अलग ही सवाल उठ रहे हैं.
