झारखंड में आकाशीय बिजली से मौत का सिलसिला जारी है. प्री मानसून से अब तक राज्य के अलग-अलग जिलों में कम से कम 40 लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई है. इसी कड़ी में गुरुवार को लातेहार में दो युवकों की मौत वज्रपात की चपेट में आने से हो गई.
यह घटना सदर थाना क्षेत्र के नवोदय रोड स्थित कस्तूरबा विद्यालय के निकट हुई. मृतकों की पहचान लातेहार के अम्बाटीकर निवासी पीयूष कुमार तथा चंदनडीह निवासी पवन साहू के रूप में हुई है.
इसी बीच अचानक तेज वर्षा शुरू हो गई. भीगने से बचने के लिए दोनों सड़क किनारे स्थित एक महुआ के पेड़ के नीचे रुक गए. तभी तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे पेड़ पर गिरी और उसकी चपेट में आने से दोनों युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.
- 11 जुलाई- गुमला के बसिया अनुमंडल क्षेत्र में शुक्रवार को वज्रपात की दो घटनाओं में एक वृद्ध और एक युवती की मौत.
- 26 जून: लातेहार जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवती और 11 पशुओं की मौत.
- 12 जूनः पलामू के पांकी थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों में वज्रपात से एक बुजुर्ग महिला और एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत.
- 23 जूनः गोड्डा जिले में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग तीन घटनाओं में तीन लोगों की जान गई. इनमें एक 20 साल की छात्रा भी शामिल थीं.
- 6 जूनः खूंटी के बगड़ू गांव में वज्रपात से एक स्कूली छात्रा की मौत हो गई और एक महिला घायल. दोनों बकरी चराने गई थीं.
- 28 जूनःरांची जिले जिला के सोनाहातू थाना क्षेत्र में वज्रपात की चपेट में आने से फॉरेस्ट गार्ड रोशन श्रीवास्तव की मौत.
- 5 जुलाईः चाईबासा जिले के गोईलकेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत छोटा कुईड़ा गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक महिला की मौत, दो घायल.
भीषण स्ट्राइक, मोबाइल फटा
लातेहार की घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बिजली गिरने का असर इतना भीषण था कि एक युवक का मोबाइल भी फट गया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
बिजली गिरने की की आवाज सुनकर आसपास के लोग पेड़ के पास पहुंचे, लेकिन दोनों युवक पीयुष और पवन की सांसें थम चुकी थीं।
सूचना मिलते ही प्रभारी थाना प्रभारी रमाकांत गुप्ता पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे.
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल लातेहार पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे. रो- रोकर उनका बुरा हाल बना था.
