बिहार में परीक्षाओं में कथित अनियमितता, रोजगार, वेकैंसी समेत युवाओं के मुद्दों पर बुधवार को राजद के द्वारा राजभवन मार्च पटना की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन में बदल गया.
राजभवन की ओर बढ़ती भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया.
जेपी गोलंबर से शुरू हुआ मार्च इनकम टैक्स चौराहे पर पहुंचा, तो पुलिस की बैरिकेडिंग से सामना हुआ. आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन चलाया गया. इस दौरान तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया.
हालांकि, बाद में आरजेडी के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल लोक भवन पहुंचा और राज्यपाल के सचिव को ज्ञापन सौंपा.
आरजेडी की ओर से छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राजभवन मार्च का आह्वान किया गया था. बुधवार को जेपी गोलंबर पर पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में जुटे. यहां से मार्च लोक भवन की ओर बढ़ा. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोजगार, बेरोजगारी और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए.
इससे पहले मार्च जैसे ही डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़ा, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया. कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए. इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई.
पुलिस ने एहतियातन पटना जंक्शन और अन्य इलाकों से मार्च के रास्ते की तरफ आने वाली सड़कों पर यातायात नियंत्रित कर दिया गया था. पुलिस ने डाकबंगला चौक पर ही मार्च को रोकने की पूरी तैयारी कर रखी थी, लेकिन राजद वर्कर वहां सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ गए. बाद में मार्च को आयकर गोलंबर के पास रोक लिया गया.
क्या बोले राजद के नेता
तेजस्वी यादव ने कहा है कि जब तक छात्रों, युवाओं, परीक्षाओं, शिक्षा, रोजगार और नौकरियों के प्रति सम्राट सरकार का रवैया नहीं बदलता है, आंदोलन जारी रहेगा.
उन्होंने कहा, ”हम लोग जेल से डरने वाले नहीं है…हम छात्रों के हक और अधिकार के लिए, बेरोजगारी को मिटाने के लिए, पेपर लीक रोकने के लिए, पारदर्शी परीक्षा, अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य के लिए लड़ते रहेंगे. हम बिहार को आगे बढ़ाने के लिए हम लोग हमेशा आवाज उठाते रहेंगे और लड़ते रहेंगे.”
राज्यसभा में राजद के सांसद मनोज झा ने मीडिया से कहा, “मौलिक सवाल यह है कि शिक्षा के आर्किटेक्चर को ध्वस्त कर दिया गया है! मौलिक सवाल यह है कि छात्रों पर AK47 से गोली चलाई गई! मौलिक सवाल यह है कि गर्दनीबाग में अभ्यर्थी आंदोलन पर बैठे हैं.”
