कोडरमाः झारखंड के कोडरमा जिले के सतगांवा प्रखंड अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, पोखरडीहा की कई लड़कियां विरोध प्रदर्शन के दौरान बेहोश हो गईं. इस स्कूल में शिक्षकों की कमी है. हफ्ते भर से स्कूली छात्राएं शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग उठा रही थीं.
शिक्षकों की कमी को लेकर छात्राओं का आक्रोश शुक्रवार को सड़क पर उतर आया. बड़ी संख्या में छात्राएं शिक्षक की कमी दूर करने की मांग को लेकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचीं और ब्लॉक का घेराव कर प्रदर्शन किया.
स्कूल से जुलूस की शक्ल में निकलीं छात्राओं ने सड़क पर सभा की. इसके बादर प्रखंड के बीडीओ सह सीओ मनोज कुमार रवि के समक्ष अपनी शिकायत लेकर पहंची और उन्होंने ब्लॉक का घेराव किया.
प्रदर्शन के दौरान अचानक कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई. देखते ही देखते कुछ छात्राएं बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि विद्यालय में लंबे समय से पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं. शिक्षकों की कमी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर छात्राएं एकजुट होकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचीं.
ब्लॉक परिसर में प्रदर्शन के दौरान अचानक छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी और कई छात्राएं बेहोश हो गईं.
आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया
घटना के बाद प्रशासन और मौके पर मौजूद लोगों की मदद से बीमार छात्राओं को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. कई छात्राओं के एक साथ बेहोश होने से कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई.
पढ़-लिखकर इंजीनियर नहीं बनना है..
बताया जाता है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्राओं ने प्रभारी बीडीओ सह सीओ मनोज कुमार रवि, थाना प्रभारी, जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि और अभिभावकों की मौजूदगी में विद्यालय की वार्डन प्रतीक्षा मिंज के खिलाफ शिकायत की थी.
छात्राओं ने रोते हुए आरोप लगाया था कि परीक्षा नजदीक होने के बावजूद पाठ्यक्रम पूरा नहीं कराया गया है. छात्राओं ने शिक्षकों पर पढ़ाई के बजाय लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा था कि सवाल पूछने या विरोध करने पर उन्हें कथित रूप से कहा जाता है कि ज्यादा पढ़-लिखकर इंजीनियर नहीं बनना है.
टीसी काटकर घर भेजने की धमकी
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया था कि शिकायत करने पर उन्हें विद्यालय से स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) काटकर घर भेजने की धमकी दी जाती है.
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने छात्राओं की शिकायत सुनने के बाद दो दिनों के भीतर बैठक कर मामले का समाधान कराने का आश्वासन दिया था. छात्राओं का आरोप है कि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
