रांचीः झारखंड स्नातक योग्यता धारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 (जेएसएसी- सीजीएल को रद्द किए जाने के सरकार के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट में स्टे लगते ही तीन दिनों से प्रोजेक्ट भवन (झारखंड मंत्रालय) के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों के चेहरे पर रौनक लौट आई. उन्होंने तिंरगा यात्रा निकाली और खुशियों का इजहार किया.
इस परीक्षा में 1932 अभ्यर्थी सफल हुए हैं और सरकार के अलग-अलग विभागों में अलग-अलग पदों पर कार्यरत हैं.
18 अगस्त को जेएसएससी- सीजीएल की परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार ने इस नियुक्ति को रद्द कर दिया था. सरकार के इस फैसले से 1932 लोग नौकरी से बाहर हो गए थे. अब अदालत ने सरकार से कहा है कि सेवा में इनका योगदान तत्काल कराया जाए.
हाईकोर्ट से खबर मिलते ही चेहरे के रंग बदल गए
शुक्रवार की सुबह जेएसएससी- सीजीएल वाले प्रोजेक्ट भवन के पास जुटे थे. दोपहर में जैसे ही कोर्ट से खबर निकलकर बाहर आई कि अदालत ने स्टे लगा दिया है, सभी अभ्यर्थी जश्न के मूड में आ गए.
हाथ में तिरंगा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर के साथ उन्होंने यात्रा निकाली. यह यात्रा प्रोजेक्ट भवन से गोलचक्कर तक गई. वहां से होते हुए वापस प्रोजेक्ट भवन तक आई. सभी न्यायालय के प्रति आभार प्रकट कर रहे थे. का कहना था कि ये सत्य की जीत हुई है। वहीं इनमें से कई अभ्यर्थी हाई कोर्ट भी पहुंचे हुए थे, निर्णय आने के बाद सभी ने हाइकोर्ट कैंपस में एक दूसरे को जीत की बधाई दी.
