रांचीः झारखंड स्नातक योग्यता धारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 (जेएसएसी- सीजीएल को रद्द किए जाने के सरकार के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट की रोक के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने शुक्रवार की शाम सभी जिला मुख्यालयों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला जलाने का आह्वान किया. इसी क्रम में गिरिडीह में पुतला जलाने निकले छात्रों को सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने दौड़ा- दौड़ाकर पीटा.
इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और छात्र संगठनों के साथ राजनीतिक दलों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू है.
गिरिडीह में शुक्रवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने जुटे छात्रों और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. झंडा मैदान में जेएमएम कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को खदेड़ना शुरू किया. उनसे पुतला भी छीन लिया गया. वीडियो में देखा जा रहा है कि जेएमएम के कार्यकर्ता पार्टी के झंड़े के साथ लाठी-डंडे लेकर निकले थे.
झंडा मैदान में एकत्रित होकर छात्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.छात्र जैसे ही सीएम का पुतला दहन करने की तैयारी में थे, तभी जेएमएम के कुछ कार्यकर्ता वहां पहुंचे और उन्हें रोकने का प्रयास किया. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई.
रांची और हजारीबाग में पुलिस से टकराव
इधर रांची के मोराबादी मैदान में छात्रों का जत्था पुतला जलाने जमा हो रहे थे. उससे पहले ही बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी. छात्र पुतला जलाने के लिए मोराबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक की ओर बढ़ रहे थे.
इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोका. दोनों तरफ से बहस हो गई. और तनातनी का माहैल बन गया. छात्र नेता कुणाल सिंह से भी पुलिस की बहस होती रही.
कई छात्रों का आरोप है कि कुछ लोग छात्रों की भीड़ में घुस गए और मुख्यमंत्री का पुतला लेकर फरार हो गए. छात्रों ने आरोप लगाया है कि वो लोग झामुमो के कार्यकर्त्ता थे.
इस दौरान एक महिला अभ्यर्थी के हाथ से पुतला छीनकर भागने की कोशिश की गई. कथित तौर पर महिला अभ्यर्थी का दुपट्टा खींचने का भी प्रयास किया गया.
एक युवक को पकड़ लिया
हालांकि, मौके पर मौजूद अन्य अभ्यर्थियों ने एक युवक को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया. इस मामले के बाद मौके पर मौजूद अभ्यर्थियों में काफी नाराजगी देखने को मिली. छात्रों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
पुलिस-प्रशासन ने विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अलबर्ट एक्का चौक पर पुतला दहन की अनुमति नहीं दी. पुलिस ने सभी अभ्यर्थियों को सुरक्षित तरीके से शहीद चौक होते हुए वापस मोरहाबादी भेज दिया. हालांकि, शहीद चौक के पास अभ्यर्थियों ने प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया. इस दौरान छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया.
हजारीबाग में भी पुलिस ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को रोकने की कोशिशें की.
