दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने चार में से तीन केंद्रीय पदों अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पर जीत का परचम लहराया है. वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की है.
शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव में 40.46 प्रतिशत मतदान हुआ थ. शनिवार को वोटों की गिनती हुई. चुनाव में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच मुख्य मुकाबला था. लेकिन एनएसयूआई को हार का सामना करना पड़ा.
इन चुनावों में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने जीत हासिल की है.
वहीं, सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के ही लक्ष्य राज सिंह ने जीत हासिल की है.
हालांकि, सबसे अधिक चर्चा उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के जीत की हो रही है.
अध्यक्ष पद के चुनाव में 24,576 वोट हासिल करने वाले एबीवीपी के यश डबास ने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों के अंतर से हराया.
निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की. शौकीन को एनएसयूआई ने टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा।
सचिव पद के लिये चुनाव में एबीवीपी उम्मीदवार रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल किए, जबकि एनएसयूआई उम्मीदवार नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले.
एबीवीपी की जीत को लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं. साथ ही बधाई और शुभकमाएं भी दी हैं.
अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने के बाद यश डबास ने कहा, “पीयू (पंजाब यूनिवर्सिटी) से लेकर डीयू तक छात्रों ने हमें जिताने की कोशिश की. हमारे लिए सबसे पहला मुद्दा हॉस्टल्स और पीजी का सेफ्टी ऑडिट करना है. क्योंकि हम नहीं चाहते कि आने वाले समय में सत्य निकेतन जैसा हादसा दोबारा हो.”
वहीं, उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने वाले दीपांशु शौकीन ने कहा, “मेरा यह संघर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए रहा है और छात्रों के लिए मैं आगे भी संघर्ष करता रहूंगा.”
परिणाम घोषित होते ही विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया. तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज कर एबीवीपी ने छात्र राजनीति में अपनी साख को एक बार फिर मजबूत किया है.
