पश्चिम बंगाल की प्रतिष्ठित नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान गिरफ्तार हो गए हैं.
ऐसा कांग्रेस ने ही दावा किया है. कांग्रेस की ओर से बताया जा रहा है 2007 में जमीन अधिग्रहण के विरोध को लेकर एक पुराने मामले में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई है.
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा है कि पुलिस ने गिरफ्तारी की कोई वजह नहीं बतायी है.
जाहिर तौर पर उपचुनाव को लेकर बंगाल की सियासत गरमा गई है.
उधर नंदीग्राम से ममता बनर्जी की उम्मीदवार संचिता प्रधान के पर्चा वापस लेने के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देगी.
इससे पहले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस से लिया.
ममता बनर्जी गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान ने यह फैसला उन्होंने सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद लिया था.
ममता बनर्जी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “हम संवैधानिक पद का अपमान नहीं करते, लेकिन हमें लगता है कि आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास में काला दिन है. देश में जो हो रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, ग़ैरक़ानूनी, अलोकतांत्रिक है. यह एक राजनीतिक पार्टी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए पूरी तरह पक्षपातपूर्ण और बदले की कार्रवाई है.”
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, “उन्होंने पहले ही कहा था, ‘नाम भी रखने नहीं दूंगा, निशान भी नहीं रखने दूंगा.’ ये लोग कौन हैं? आज वे सत्ता में हैं, कल सत्ता में नहीं भी हो सकते हैं. उन्हें अपनी सीमाएं समझनी चाहिए.”
