खूंटीः झारखंड के खूंटी जिला मुख्यालय स्थित आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में आदिवासी और महीसी समाज के लोग हैरान और स्तबंध हैं. घटना के विरोध में लोगों ने सुबह में भगत सिंह चौक को जाम कर दिया.
इस बीच एसपी ऋषभ गर्ग, एएसपी क्रिस्टोफर केरकेट्टा घटना स्थल पर जांच करने के लिए पहुंचे हैं. फादर को बेहतर इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया है कि सीसीटीवी फुटेज के अनुसार घटना, रात करीब नौ बजे की प्रतीत हो रही है. हालांकि समय को लेकर अलग-अलग जानकारी भी मिल रही है. पुलिस के लिए घटना का वास्तविक समय का पता करना करना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है. सीसीटीवी फुटेज में दो- तीन युवक दिखाई दे रहे हैं. पुलिस उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है.
एसपी ने कहा कि मामले में आगे का अनुसंधान जारी है. इसके लिए एक एसआईटी गठित की जा रही है. फुटेज में दिख रहे युवकों की पहचान होने के बाद घटना की परिस्थितियों और हमले में उनकी संभावित भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.

इधर फादर पर हुए हमले से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. स्कूल के कार्यालय के सामने स्थित गलियारे में उन पर हमला किया गया. घटना के बाद गलियारे में खून बिखरा हुआ मिला. घटनास्थल पर खून के निशानों को पोंछकर साफ करने का प्रयास भी किया गया है. स्कूल के कार्यालय के अंदर का सामान भी बिखरा हुआ मिला है. घटना की जानकारी बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे लोगों को मिली. इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और जिले के कई वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे.
कौन थी वह महिला
आरसी चर्च के फादर निकोलस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में घटना बुधवार की सुबह पांच से सात बजे के बीच की बताई जा रही थी। उन्होंने बताया कि सुबह स्कूल में किसी काम से आई एक महिला ने फादर बेनेदिक्त बारला को खून से लथपथ देखा था. इसके बाद वह महिला पारिस हाउस पहुंची और चर्च के अन्य फादरों को घटना की जानकारी दी. हालांकि, सूचना देने वाली महिला कौन थी और वह किस काम से स्कूल पहुंची थी, इसकी जानकारी अब तक नहीं मिल पाई है। महिला की तलाश की जा रही है, लेकिन उसके संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है. फादर निकोलस ने बताया कि फादर बेनेदिक्त पर अपराधियों ने हमला किया है. हालांकि, हमले में किस हथियार का इस्तेमाल किया गया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। घटनास्थल की परिस्थितियों और घायल फादर की चोट को देखते हुए पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है.
गहरे जख्म, सामान बिखरा पड़ा
घायल फादर बेनेदिक्त बारला का प्राथमिक उपचार करने वाले चिकित्सक डॉ. अखिलेश ने बताया कि उनके बाएं कान के नीचे गोलाकार जख्म है. जख्म की प्रकृति को देखते हुए यह गोली लगने से हुआ हो सकता है. हालांकि, रॉड जैसी किसी वस्तु के घुसने से भी इस तरह का जख्म होने की आशंका है। फिलहाल, चोट किस हथियार से लगी है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. चर्च के एक अन्य फादर ने बताया कि स्कूल के कार्यालय के अंदर का सारा सामान बिखरा हुआ था. कार्यालय के सामने गलियारे में खून के निशान मिले हैं, जिन्हें पोंछकर साफ करने का प्रयास किया गया है.
हालांकि, कार्यालय का सामान किस परिस्थिति में बिखरा और खून साफ करने का प्रयास किसने किया, इसकी जानकारी अब तक नहीं मिल सकी है. उन्होंने बताया कि फादर बेनेदिक्त बारला के साथ माइकल नाम का एक बच्चा रहता था। उसकी मां का देहांत हो जाने के कारण वह भी अपने घर गया हुआ है. स्कूल के कुक पीछे की ओर रहते हैं, जबकि स्कूल में छुट्टी होने के कारण बच्चे हॉस्टल में नहीं थे. ऐसे में घटना के समय स्कूल परिसर में कौन-कौन मौजूद था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है.चर्च के फादर के अनुसार, फादर बेनेदिक्त पारिस हाउस में सोते थे.
फादर बेनेदिक्त का मोबाइल फोन भी घटनास्थल पर ही पड़ा हुआ मिला है. पुलिस मोबाइल फोन और कार्यालय में बिखरे सामान समेत अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
जानकारी के अनुसार, फादर रात में नियमित तौर पर स्कूल परिसर का निरीक्षण करने जाते थे. वह अक्सर रात आठ से नौ बजे के बीच परिसर की स्थिति देखने निकलते थे. मंगलवार रात इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया. आशंका जताई जा रही है कि पहले से घात लगाकर बैठे तीन अपराधियों ने फादर को काबू में करने की कोशिश की. फादर ने इसका विरोध किया, जिसके बाद अपराधियों ने उन पर हमला कर दिया. इसकी आशंका भी जताई जा रही है कि अपराधी उन्हें मृत समझकर मौके पर छोड़कर फरार हो गए.
स्कूल पहुंचने लगे मसीही समुदाय के लोग
फादर बेनेदिक्त बारला पर हमले की खबर फैलते ही मसीही समुदाय के लोगों में चिंता बढ़ गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद काफी संख्या में लोग आरसी बालक मध्य विद्यालय पहुंचने लगे।.स्कूल परिसर में लोगों की भीड़ जुटने लगी, जबकि पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर जांच में लगे रहे. शहर के बीच स्थित स्कूल परिसर में प्रिंसिपल पर हुए इस हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल, हमले में इस्तेमाल हथियार, घटना के वास्तविक समय, हमलावरों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है.खूंटीः झारखंड के खूंटी जिला मुख्यालय स्थित आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में आदिवासी और महीसी समाज के लोग हैरान और स्तबंध हैं. घटना के विरोध में लोगों ने सुबह में भगत सिंह चौक को जाम कर दिया.
