रांचीः रांची में झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यसिमति की बैठक में हेमंत सोरेन सरकार की कथित वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, बदहाल कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा राज्यव्यापी जनजागरण और लोकतांत्रिक संघर्ष तेज करने का संकल्प पारित किया गया है.
24-अक्टूबर से शुरू यह बैठक रविवार को संपन्न हुई. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बताया कि कार्यसमिति ने संकल्प लिया कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता जनसेवा को अपना ध्येय, राष्ट्रहित को सर्वोच्च कर्तव्य और अंत्योदय को अपना आदर्श मानते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास, सुशासन और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करेगा.
कार्यसमिति ने स्पष्ट किया कि झारखंड विरोधी निर्णयों और जनता के अधिकारों के हनन का हर स्तर पर लोकतांत्रिक प्रतिकार किया जाएगा.
इसके अलावा भाजपा राज्य के युवाओं, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करेगी तथा राज्य को कुशासन से निकालकर विकास और सुशासन के मार्ग पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। कार्यसमिति ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में विकसित झारखंड की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया है.
नौकरी, पेंशन और छात्रवृत्ति के सवाल पर
कार्यसमिति ने आरोप लगाया कि पांच लाख नौकरी प्रतिवर्ष, बेरोजगारी भत्ता, हर घर में सरकारी नौकरी, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, किसानों को ₹3,200 प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य और महिलाओं को सम्मान राशि देने जैसे वादे पूरे नहीं हुए. छात्रवृत्ति, पेंशन, जाति प्रमाण पत्र और विस्थापितों को न्याय जैसे मुद्दों पर भी सरकार की कार्यशैली सवालों के घेरे में है. राज्य में पलायन और मानव तस्करी की समस्या भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है. प्रस्ताव में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है.

बजट के खर्चे पर
कार्यसमिति ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और बजट खर्च को लेकर भी राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया. भाजपा का आरोप है कि पर्याप्त बजटीय प्रावधान के बावजूद विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है. निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के मोर्चे पर भी सरकार की उपलब्धियां निराशाजनक हैं।
ट्रिपल टेस्ट को लेकर क्या कहा
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति ने पिछड़ा वर्ग आयोग से संबंधित ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया अविलंब पूरी कराने तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर संपन्न कराने की मांग की. कार्यसमिति ने स्पष्ट किया कि झारखंड की जनता के अधिकारों, युवाओं के भविष्य और राज्य के विकास के सवाल पर भाजपा चुप नहीं बैठेगी तथा सरकार की वादाखिलाफी और जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष तेज करेगी.
संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर
प्रस्ताव में कहा गया कि झारखंड अपार खनिज संपदा और राजस्व क्षमता वाला राज्य होने के बावजूद विकास की अपेक्षित गति हासिल नहीं कर पा रहा है. खनिज संपदा का लाभ आम जनता तक पहुंचने, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के मामले में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए. भाजपा ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपों और प्रशासनिक विफलताओं ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया है. जनता को घोषणाएं नहीं, बल्कि पारदर्शी शासन और जवाबदेही चाहिए.
