रांचीः केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने कहा है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मिलकर देश में बांग्लादेश की तर्ज पर ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) और अराजकता फैलाना चाहते हैं. साथ ही एसआइआर के तहत 13 करोड़ लोगों के नाम काटे जाने का भ्रम फैलाया जा रहा.
डॉ. मजूमदार ने शुक्रवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में ये बात कही. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, झामुमो, टीएमसी और वामपंथी दल हिटलर के प्रचार मंत्री गोएबल्स की नीति पर चलते हुए लगातार झूठ बोल रहे हैं. विपक्ष बिना किसी सबूत के चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश के लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है. उन्होंने कहा कि 2029 के आम चुनाव में भी देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुनः भारी बहुमत से भाजपा की सरकार बनाएगी.
13 करोड़ नाम कटने का फैलाया जा रहा भ्रम
विपक्ष द्वारा 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ने कहाकि इनमें 6.3 करोड़ लोग ऐसे हैं जो एक जगह से दूसरी जगह स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके हैं. जबकि 2.8 करोड़ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जिसकी पुष्टि सरकारी मृत्यु प्रमाण पत्र से हुई है.
इसके अलावा 3 करोड़ लोग बीएलओ के तीन-तीन बार घर-घर जाने के बावजूद सर्वे में अनुपस्थित मिले, जबकि 1 करोड़ नाम एक ही जगह पर दो बार (डुप्लीकेट) दर्ज थे.
घुसपैठियों से इतना प्रेम क्यों
डॉ. मजूमदार ने विपक्ष से सवाल किया कि सर्वे में गायब मिले 3 करोड़ घुसपैठियों और फर्जी लोगों को बचाने में उनकी क्या रुचि है. क्या वे देश की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) बदलकर दोबारा देश को संकट में डालना चाहते हैं. उन्होंने बताया कि 20 जुलाई के हंगामे में 118 पुलिसकर्मी घायल हुए थे और देश भर में महिला बीएलओ पर कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) द्वारा हमले किए गए.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन सड़क पर अराजकता फैलाने से नहीं, बल्कि जनता के वोटों से होता है. गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद के विशेष सत्र में इस पर चर्चा करने की खुली चुनौती दी है, जहां दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
10 बार कांग्रेस राज में हुआ एसआईआर
डॉ. मजूमदार ने कहा कि विपक्ष ऐसा माहौल बना रहा है जैसे देश में पहली बार एसआईआर हो रहा हो। जबकि सच यह है कि 1952 से अब तक देश में कुल 12 बार एसआईआर हो चुका है, और इनमें से 10 बार यह प्रक्रिया अकेले कांग्रेस के शासनकाल में ही हुई है. देश में 2004 के बाद अब 20 साल के अंतराल पर यह पुनरीक्षण हो रहा है, जो पूरी तरह स्वाभाविक है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए सुकांत मजूमदार ने कहा कि मीडिया जब उनसे वोट चोरी का सबूत मांगती है, तो वे कहते हैं कि उन्हें अंदर से ‘फीलिंग’ आ रही है. लोकतंत्र किसी की व्यक्तिगत ‘फीलिंग’ से नहीं, बल्कि पुख्ता तथ्यों और सबूतों से चलता है.
उन्होंने कहा कि जब देश में राजनीतिक आंदोलन चरम पर होता है, तब राहुल गांधी वियतनाम या विदेश घूमने निकल जाते हैं, ऐसे गंभीर रवैये के साथ चुनाव नहीं जीता जा सकता. मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, प्रतुल शाहदेव और योगेंद्र प्रताप सिंह मौजूद रहे.
