झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है. दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल पांच वर्षीय खुशबू कुमारी ने भी शुक्रवार को खूंटी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इससे पहले हादसे में चार महिलाओं, दो बच्चियों और एक 12 वर्षीय बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। अब इस दुर्घटना में दो परिवारों के कुल आठ सदस्यों की जान जा चुकी है. हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है.
इस बीच शुक्रवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने खूंटी-तोरपा और कर्रा मार्ग को जाम कर दिया है. ग्रामीण घटनास्थल पर वरीय अधिकारियों को बुलाने और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने का लिखित आश्वासन देने की मांग कर रहे हैं. सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई हैं.
स्कूटी सवार को बचाने पहुंचे लोग हादसे के शिकार हुए
गुरुवार की रात करीब पौने दस बजे जेम्स बांडो नामक स्कूटी सवार जोने-लुदरू मोड़ के पास अनियंत्रित होकर पुलिया के समीप झाड़ियों में गिर गया था. इसकी जानकारी मिलने पर आसपास की महिलाएं और बच्चे उसे देखने तथा बचाने के लिए पुलिया के पास जुटे थे. इसी दौरान तोरपा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा 18 चक्का ट्रेलर ने सड़क किनारे खड़े लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. टक्कर इतनी भीषण थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.

मजदूरी करने गुजरात गए राजेश पर दुखों का पहाड़ टूटा
इस हादसे की सबसे दर्दनाक दास्तान राजेश लोहरा के परिवार की है. परिवार की रोजी-रोटी चलाने के लिए राजेश गुजरात में मजदूरी करने गया था. दो दिन पहले ही गुजरात पहुंचा था. अभी वह काम की तलाश में था कि गुरुवार रात उसे खबर मिली कि सड़क हादसे में उसकी पत्नी, मां और दो बेटियों की मौत हो गई है.
हादसे की खबर मिलते ही राजेश पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. अब उसके सामने घर लौटने तक की समस्या खड़ी हो गई है. उसके पास वापस कर्रा आने के लिए भी पैसे नहीं हैं. इसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण एकजुट हुए और राजेश को गुजरात से वापस लाने के लिए आपस में पैसे जुटाकर भेजने का प्रयास कर रहे हैं.
बिरसा नायक के परिवार पर भी टूटा दुखों का पहाड़
दूसरे प्रभावित परिवार के बिरसा नायक की पत्नी कसीला देवी उर्फ जवंती देवी, बेटी अंजलि, 12 वर्षीय नाती सौरव नायक और पांच वर्षीय बेटी खुशबू कुमारी की मौत हो गई. खुशबू ने शुक्रवार को खूंटी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
