रांची. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रमुख और डुमरी से विधायक जयराम कुमार महतो ने गुरुवार को झारखंड विधानसभा में स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और गृह विभाग की अनुंदान मांग पर चर्चा के दौरान कहा कि राज्य के माननीय अपना इलाज कराने के लिए हैदराबाद, वेल्लोर, दिल्ली जाते हैं और आम आदमी को गंभीर बीमारी की हालत में जमीन बेचनी पड़ती है. यही कड़वा सच है.
जयराम जब बोल रहे थे, तो सदन उन्हें एकटक सुन रहा था. वे कम समय में तेजी से बोलते सुने गए. उन्होंने ट्रेजरी बेच का ध्यान खींचने की पूरी कोशिश की.
चर्चा की शुरुआत उन्होंने माननीयों के इलाज से ही की. उन्होंने कहा कि सदन में बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री अस्वस्थ हैं. वे अपना इलाज आर्किड में करा रहे हैं. हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं. राज्यसभा की सांसद महुआ माजी भी आर्किड में स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं.
विधायक जयराम ने कहा, कुछ दिनों पहले आदरणीय दिशोम गुरुजी (शिबू सोरेन) भी अपना इलाज कराने दिल्ली गये थे. माननीय डॉक्टर साहब भी अपने परिजन को लेकर गुजरात गए थे. डॉक्टर साहब से उनका आशय स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी की ओर था. लेकिन इस बजट की सार्थकता तभी होगी, जब माननीय भी अपना इलाज राजेंद्र आर्युविज्ञान संस्थान रांची (रिम्स) में करायेंगे. तभी जनता को विश्वास होगा. हमारे माननीय एक छींक आने पर भी इलाज कराने के लिए दिल्ली, हैदराबाद, वेल्लोर जाते हैं और गरीब आदमी को गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज कराने के लिए अपनी जमीन बेचनी पड़ती है.
जेएलकेएम विधायक ने चर्चा के दौरान कुछ आंकड़े रखते हुए कहा कि देश में 834 लोगों पर एक डॉक्टर है. लेकिन झारखंड में तीन हजार लोगों पर एक डॉक्टर हैं. ड्ब्लूएचओ कहता है कि 1000 की आबादी पर एक डॉक्टर हो. झारखंड में 3300 स्वास्थय केंद्र नर्सों के हवाले हैं. नियुक्तियों को लेकर सरकार में इच्छा शक्ति की कमी है.
उन्होंने कहा, अलग राज्य बने 25 साल हुए, लेकिन एक भी मेडिकल यूनिवर्सिटी नहीं है. निजी अस्पताल लोगों को द्ररिद्र बनाता है. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना में दो- चार और बीमारी को जोड़ने का आग्रह किया.
उन्होंने सरकार से बोकारो जिले के नौ प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आउटसोर्सिंग के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के मामले में संज्ञान लेने का भी आग्रह किया, जिन्हें छह महीने से पैसे नहीं मिले हैं और वे धरने पर बैठे हैं. इससे पहले शिक्षा विभाग की अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान भी जयराम महतो ने सदन में इस बात पर जोर दिया था कि माननीयों (राजनेता और नौकरशाह) भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलायें, तो बात कुछ और होगी.
गौरतलब है कि बुधवार को राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर रांची स्थित एक निजी अस्पताल- आर्किड में इलाज के लिए भर्ती हुए हैं. उन्हें खांसी की शिकायत थी. खांसी बढ़ जाने के बाद वे असहज महसूस कर रहे थे. गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई नेताओं ने अस्पताल जाकर उनका कुशल क्षेम जाना है. इससे पहले सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा से राज्यसभा की सांसद महुआ माजी महाकुंभ से लौटने के दौरान लातेहार में एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थीं. उनका इलाज भी रांची के एक निजी आर्किड अस्पताल में चल रहा है.
