रांचीः झारखंड में शराब घोटाले के मामले में छत्तीसगढ़ के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया गया है.
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सिद्धार्थ सिंघानिया को रायपुर से गिरफ्तार किया है. सिंघानिया को रायपुर कोर्ट में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाए जाने की तैयारी है.
साल 2022 में झारखंड में विनय कुमार चौबे उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव थे. उस समय की उत्पाद नीति लागू कराने में सिद्धार्थ सिंघानिया की सक्रियता थी. तब से ही विनय चौबे और सिंघानिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे.
शराब घोटाले में एसीबी ने अब चतक सात लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें पूर्व उत्पाद सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, रिटायर आईएएस अधिकारी अमित प्रकाश भी शामिल हैं. अमित प्रकाश उत्पद आयुक्त के पद पर कार्यरत थे. शराब घोटाले की परत खुलने के बाद उनकी भूमिका भी संदिग्ध थी. दो दिनों पहले लंबी पूछताछ के बाद एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया है.
इनके अलावा घोटाले से जुड़े मामले में उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सुधीर कुमार दास, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सह अभियान सुधीर कुमार, प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन इन्नोवेटिव के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह को एसीबी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है. सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं.
गौरतलब है कि मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग, झारखण्ड रांची से अनुमोदन के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची कांड सं0-09/25, दिनांक-20.05.25 को दर्ज किया गया है.
38 करोड़ से जुड़े घोटाले में एसीबी की कार्रवाई जारी है. विनय चौबे की पत्नी समेत कुछ रिश्तेदार की संपत्ति भी जांच की जद में है.
इधर एसीबी ने कई प्लेसमेंट एजेसियों के कई प्रतनिधियों के खिलाफ वारंट लिया है. वे गिरफ्तारी के डर से भागे चल रहे हैं. एसीबी की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. अभी तक कम से कम सौ करोड़ के घोटाले के साक्ष्य जांच एजेंसी को मिले हैं.
