रामगढ़ः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार की शाम अपने पैतृक गांव नेमर पहुंचे. गांव के संथाली समाज की बैठक में वे शामिल हुए. उनकी अगुवाई में संथाली समाज के पारंपरिक चुनाव के तहत नाइके बाबा (पाहन) का चयन किया.
इससे पहले नेमरा पहुंचने पर उनका पारंपरिक तौर पर स्वागत किया गया. सर्वसम्मति से चेतन टुडू को नाइके बाबा चुना गया. उन्हें पगड़ी और पारंपरिक हथियार पहनाकर विधिवत अभिनंदन किया गया और ग्राम देवताओं की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन सौंपा गया.
नेमरा गांव के मुखिया जीत लाल टुडू ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गांव के मांझी बाबा है. नाईके बाबा का पद स्वेच्छा से इस्तीफा के बाद खाली हो गया था इसके बाद नाईके बाबा का चुनाव हुआ. जिन्हें सर्वसम्मति से चुना गया और उन्हें परंपरा के अनुसार उन्हें पारंपरिक हथियार और पगड़ी पहनकर उन्हें पदभार दिया गया.
मुख्यमंत्री ने अपने चाचा श्रीकांत सोरेन से भी मुलाकात कर उनकी चिकित्सा स्थिति का जायजा लिया. सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि उचित इलाज और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए. साथ ही गांव के लोगों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को गौर से सुना-समझा. इन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए.
रामगढ़ के डीसी फैज अहमद मुमताज, एसपी अजय कुमार के साथ कई अधिकारी और सुरक्षा को लेकर पुलिस बल नेमरा में मौजूद रहे.
