रामगढ़ः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार की शाम अपने पैतृक गांव नेमर पहुंचे. गांव के संथाली समाज की बैठक में वे शामिल हुए. समाज के लोगों के साथ उन्होंने पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था पर चर्चा की. जिसमें अलग- अलग लोगों को दायित्व सौंपा गया. मांझी बाबा ग्राम प्रधान का दायित्व सीएम हेमंत सोरेन निभायेंगे.
इस दौरान हेमंत सोरेन ने समाज से परंपरा के निर्वहन और एकजुटता पर जोर दिए.
उनकी अगुवाई में संथाली समाज के पारंपरिक चुनाव में नाइके बाबा (पाहन) का भी चयन किया.
सर्वसम्मति से चेतन टुडू को नाइके बाबा चुना गया. उन्हें पगड़ी और पारंपरिक हथियार पहनाकर विधिवत अभिनंदन किया गया और ग्राम देवताओं की पारंपरिक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान का संचालन सौंपा गया.
इससे पहले नेमरा पहुंचने पर हेमंत सोरेन पारंपरिक तौर पर स्वागत किया गया. वे करीब चार घंटे तक अपने गांव में रहे. पैदल चलते हुए गांव का उन्होंने जायजा भी लिया.
नेमरा गांव के मुखिया जीत लाल टुडू ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गांव के मांझी बाबा का दायित्व सौंपा गया है. संथाली समाज के लोग हेमंत सोरेन को यह दायित्व सौंपते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि नाईके बाबा का पद स्वेच्छा से इस्तीफा के बाद खाली हो गया था. इसलिए नाईके बाबा का चुनाव हुआ. जिन्हें सर्वसम्मति से चुना गया और उन्हें परंपरा के अनुसार उन्हें पारंपरिक हथियार और पगड़ी पहनकर उन्हें पदभार दिया गया.
पैतृक गांव में मुख्यमंत्री ने अपने चाचा श्रीकांत सोरेन से भी मुलाकात कर उनकी चिकित्सा स्थिति का जायजा लिया. सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि उचित इलाज और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए. साथ ही गांव के लोगों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को गौर से सुना-समझा. इन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए.
रामगढ़ के डीसी फैज अहमद मुमताज, एसपी अजय कुमार के साथ कई अधिकारी और सुरक्षा को लेकर पुलिस बल नेमरा में मौजूद रहे.
