हजारीबाग में एनटीपीसी के डीजीएम कुमार गौरव की हत्या पर झारखंड के पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता लगातार अनुसंधान और कार्रवाई को लेकर प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। इन सबके बीच उन्होंने कहा है कि ज्यादातर अपराधों की साजिशें जेलों के अंदर रची जाती हैं और उसे आपराधिक गिरोहों की मदद से अंजाम दिया जाता है।
राज्य के पुलिस प्रमुख की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों ने ‘‘बिगड़ती कानून व्यवस्था’’ को लेकर राज्य विधानसभा में हंगामा किया, जिसके कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि संगठित आपराधिक गिरोहों पर नकेल कसने के लिए झारखंड आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को लगाया गया है और राज्य भर की जेलों में छापेमारी की जा रही है।
उन्होंने झारखंड विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘अधिकांश अपराधों की साजिशें झारखंड की जेलों के अंदर रची जा रही हैं और आपराधिक गिरोहों की मदद से उन्हें अंजाम दिया जा रहा है। मैंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) और एटीएस को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 के तहत संगठित अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।’’
उन्होंने कहा कि जेलों के अंदर ऐसी गतिविधियों को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है।
डीजीपी ने कहा, ‘‘कल सिमडेगा जेल में और आज हजारीबाग जेल में छापेमारी की गई।’’ उन्होंने कहा कि तीन गैंगस्टर – विकास तिवारी, अमन श्रीवास्तव और अमन साव जेल के अंदर से अपनी गतिविधियों संचालित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रविवार को अमन साव गिरोह के 30 सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और उन्हें जल्द ही जेल भेजा जाएगा।
एनटीपीसी के एक अधिकारी की हत्या के मामले पर डीजीपी ने कहा कि एक विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले की जांच कर रहा है और हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। लेकिन अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।’’
(भाषा से इनपुट)
