रांची। चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की अपील याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय में मंगलवार से नियमित सुनवाई शुरू हो गई है.
इस दौरान लालू प्रसाद की ओर से अधिवक्ता प्रभात कुमार ने पक्ष रखा. वहीं, सीबीआई की ओर से अधिवक्ता दीपक भारती ने पक्ष रखा. यहां बता दें कि अदालत मामले की सुनवाई डे टू डे करेगी. न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई 2026 को एसएलपी (क्रिमिनल) संख्या 1550/2020 का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट से अनुरोध किया था कि इन अपीलों की सुनवाई तेज की जाए और आदेश की तारीख से छह महीने के भीतर, यानी जनवरी 2027 के मध्य तक इनका निपटारा किया जाए.
यह पूरा मामला बिहार के चर्चित चारा घोटाले के तहत देवघर कोषागार से फर्जी वाउचरों के आधार पर की गई अवैध निकासी से संबंधित है।
मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराते हुए साढ़े तीन साल (3.5 वर्ष) की कारावास की सजा सुनाई थी.
निचली अदालत के इसी फैसले और सजा को निरस्त करने की मांग को लेकर लालू प्रसाद की ओर से हाई कोर्ट में यह अपील याचिका दायर की गई है।
उल्लेखनीय है कि एकीकृत बिहार में हुए चारा घोटाला झारखंड के इतिहास का सबसे बड़ा और चर्चित घोटाला माना जाता है.
इसमें पशुपालन विभाग के लिए फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार कर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई थी.
वर्ष 2000 में झारखंड राज्य के अलग गठन के बाद चारा घोटाले से जुड़े कुल 53 मामलों का ट्रायल ट्रांसफर कर रांची की सीबीआई विशेष अदालतों में स्थानांतरित किया गया था.
