रांचीः बजट सत्र के 13वें दिन शुक्रवार को झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी रिक्शा चलाते हुए विधानसभा पहुंचे. उनके रिक्शे पर सवारी के तौर पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की रिक्शा पर बैठी थीं. कांग्रेस नेताओं के निशाने पर केंद्र सरकार थी. वे महंगाई और रसोई गैस की किल्लत पर ध्यान खींचने के लिए हाथों में तख्ती लिए थे.
दोनों मंत्री की सुरक्षा में तैनात भारी-भरकम सुरक्षाकर्मी रिक्शे के आगे-पीछे चल रहे थे. साथ ही मीडियाकर्मियों की भीड़ संभाल रहे थे.
इससे पहले गुरुवार को इरफान अंसारी साइकिल चलाते हुए विधानसभा पहुंचे थे.
मीडिया से मुखातिब इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियों को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा, “देश गर्त में जा रहा है. केंद्र की गलत नीतियों ने आम आदमी को कतारों में खड़ा कर दिया है. जब बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं, तो हम चुप नहीं बैठ सकते.”
उधर विधानसभा के मुख्य द्वार पर सत्तारूढ़ दलों के विधायकों ने हाथों में एलपीजी सिलंडर के बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया.
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इस विरोध प्रदर्शन को महज सांकेतिक नहीं, बल्कि भविष्य की चेतावनी बताया. उन्होंने कहा कि रुपए की गिरती कीमत और नेचुरल गैस की कमी का सीधा असर किसानों पर पड़ने वाला है. आने वाले दिनों में यूरिया की भारी किल्लत हो सकती है. उन्होंने भाजपा को नसीहत दी कि वह अपनी विफलता का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ना बंद करे.
वहीँ, कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने सदन के अंदर भी इस मामले को उठाया.
‘नौटंकी’ की जगह पैदल आएं मंत्री- मरांडी
सत्ता पक्ष के इस प्रदर्शन पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे ‘शुद्ध नौटंकी’ करार दिया. उन्होंने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और केंद्र सरकार अराजकता नहीं, बल्कि विकास सुनिश्चित कर रही है.
मरांडी ने चुटकी लेते हुए कहा, “अगर मंत्री जी रोज रिक्शा चलाकर आएं तो इससे उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और अखबारों में तस्वीरें भी अच्छी छपेंगी. असल में ये लोग जनता को भ्रमित करने के लिए अराजकता का माहौल पैदा कर रहे हैं.”
वहीं, बीजेपी विधायक नीरा यादव ने इसे कांग्रेस का असली ‘दिखावा’ वाला चरित्र बताते हुए जनता को इस तरह के राजनीतिक स्टंट से सावधान रहने की जरूरत बतायी.
