रांचीः डिजिटल अरेस्ट कर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को झारखंड सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है.
जिन तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें घाटशिला के रोहित कुमार जैन और कदमा थाना क्षेत्र के संजीव कुमार मिश्रा तथा लोकेश महतो शामिल हैं.
उनके पास से इस कांड से संबंधित मोबाइल व अन्य सामग्री की बरामदगी की गई है.
उन्हें शुक्रवार को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया है.
उनपर गढ़वा के एक सेवानिवृत्त सरकारी चिकित्सक को डिजिटल अरेस्त कर 38 लाख 62 हजार 982 रुपये की साइबर ठगी का आरोप है.
सेवानिवृत्त सरकारी चिकित्सक ने इस बाबत 27 फरवरी को साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
साइबर क्राइम ब्रांच के द्वारा जारी किए गए प्रेस रिलीज के अनुसार अपराध अनुसंधान विभाग, झारखंड, रांची अंतर्गत साइबर क्राइम थाना कांड संख्या 24/26 दिनांक 27.02.2026 धारा 318 (2), 318(3), 318(4), 319(2), 336(2), 336 (3), 338, 3400, 615 BNS एवं 80 (बी), 06 (सी) (ही) आईटी एक्ट में वादी द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर दर्ज किया गया था.
यह मामला झारखंड के एक पीड़ित से संबंधित है, जिसे डिजिटल अरेस्ट के बहाने धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया था. ठगों ने खुद को केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर डराया-धमकाया और पीड़ित से विभिन्न बैंक खाताओं में 38 लाख 62 हजार .982 रुपये ट्रांसफर करवा लिया.
तफ्तीश के क्रम में साइबर क्राइम थाना, अपराध अनुसंधान विभाग, झारखंड, रांची ने डिजिटल फुटप्रिंट्स का पता लगाते हुए इस मामले में तीन आरोपियों को जमशेदपुर पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया.
साइबर अपराधियों के अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है. इसमें अन्य लाभार्थी, हैंडलर व बैंक म्यूल खातों की पहचान की जा रही है, जिनके खाते में उक्त राशि हस्तांतरित की गई है.
