रांचीः झारखंड शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया को शुक्रवार को रांची स्थित एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 23 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
गुरुवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सिद्धार्थ सिंघानिया को रायपुर से गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी ने ट्रांजिट पर लेकर सिंघानिया को रांची पहुंची. इसके बाद कोर्ट में पेश किया गया
सिद्धार्थ सिंघानिया शराब सिंडिकेट का प्रमुख चेहरा है और माना जाता है कि झारखंड में उत्पाद विभाग के आला अधिकारियों को अपने प्रभाव में लेकर उत्पाद नीति में मनमर्जी कराई तथा मैनपावर सप्लाई एजेसियों को मनचाहा काम दिलाया.
गौरतलब है कि उत्पाद विभाग के पूर्व सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए शराब कारोबारियों और मैन पावर एजेंसियों के कर्ता-धर्ता के बारे में साक्ष्य जुटाना शुरू किया.
इनके अलावा रिमांड चौबे समेत अन्य गिरफ्तार अधिकारियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ में भी एसीबी को कई अहम जानकारी मिली. 12 जून को एसीबी ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल किया था.

झारखंड में शराब के खेल में सिद्धार्थ सिंघानिया एक जाना-माना नाम है. विभिन्न प्लेसमेंट एजेंसियों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर उसकी पकड़ रही है.
प्लेसमेंट एजेंसियों से जुड़े कम से कम आधे दर्जन लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है. यानी अब शराब के धंधे में संिल्पत कारोबारियों की गिरफ्तारी का सिलसिला तेज होने वाला है.
गौरतलब है कि मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग, झारखण्ड रांची से अनुमोदन के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची कांड सं0-09/25, दिनांक-20.05.25 को दर्ज किया गया है.
38 करोड़ से जुड़े घोटाले में एसीबी की कार्रवाई जारी है. विनय चौबे की पत्नी समेत कुछ रिश्तेदार की संपत्ति भी जांच की जद में है. रांची में नेकसजेन के मालिक विनय सिंह पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.
इसके साथ ही विनय कुमार चौबे की पत्नी और अन्य रिश्तेदार की संपत्तियों की भी जांच होनी है.
रिटायर आईएएस अधिकारी अमित प्रकाश को भी एसीबी ने गिरफ्तार किया है. अमित प्रकाश उत्पद आयुक्त के पद पर कार्यरत थे. शराब घोटाले की परत खुलने के बाद उनकी भूमिका भी संदिग्ध थी. तीन दिनों पहले लंबी पूछताछ के बाद एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया है.
इनके अलावा घोटाले से जुड़े मामले में उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सुधीर कुमार दास, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सह अभियान सुधीर कुमार, प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन इन्नोवेटिव के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह को एसीबी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है. सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं.
