रांचीः झारखंड शराब घोटाले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी और तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे और उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह से पूछताछ के लिए एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) को दो दिनों की रिमांड मिली है.
एसीबी की विशेष अदालत ने इस बाबत आदेश दिया है. एसीबी की ओर से इनसे पूछताछ के लिए सात दिनों दिनों की रिमांड मांगी गयी थी. गिरफ्तार अधिकारी के अधिवक्ता ने इसका विरोध किया. बुधवार को सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था.
इसके बाद एसीबी को दो दिनों की रिमांड का आदेश जारी किया. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारी इनसे दो दिनों तक पूछताछ करेंगे.
पिछले बीस मई को एसीबी ने शराब घोटाले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तथा तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे और उत्पाद विभाग के संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था.
दोनों अधिकारी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. हालांकि जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद बेहतर इलाज के लिए चौबे को रिम्स में भर्ती कराया गया है.
इसी घोटाले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें दो वीबरेजेज कॉरपोरेशन से जुड़े जीएम रहे हैं.
गौरतलब है कि मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग, झारखण्ड रांची से अनुमोदन के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची कांड सं0-09/25, दिनांक-20.05.25 को दर्ज किया गया है.

एसीबी के मुताबिक तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे समेत अन्य अधिकारियों ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए प्लेसमेंट एजेंसियों का चयन कर विहित प्रक्रिया एवं प्रावधान का समुचित अनुपालन, क्रियान्वयन नहीं करते / कराते हुए आपराधिक मिलीभगत से कुटरचना (खुटचाल) कर सरकार के साथ जालसाजी और धोखाधड़ी की है तथा प्लेसमेंट एजेंसियों को अनैतिक लाभ पहुँचाया है. इससे झारखंड सरकार को लगभग 38 करोड का नुकसान होने संबंधित प्रर्याप्त साक्ष्य जांच एजेंसी को मिले हैं. इसी आधार पर यह कांड दर्ज किया किया गया था.
38 करोड़ से जुड़े घोटाले में एसीबी की कार्रवाई जारी है. विनय चौबे की पत्नी समेत कुछ रिश्तेदार की संपत्ति भी जांच की जद में है.
