झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र अंतर्गत सरकंडा गांव के निकट गंगा नदी में डूबने से दो मासूम सगे भाइयों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है. करीब 15 घंटे की तलाशी के बाद गंगा से दोनों बच्चों के शवों को ग्रामीण बाहर निकाल सके.
सरकंडा गांव निवासी सेटू चौरसिया के दो पुत्र 8 वर्षीय आर्यन कुमार और 4 वर्षीय राघव कुमार गुरुवार दोपहर करीब एक बजे घर के सामने खेलते-खेलते अचानक लापता हो गए. जब काफी देर तक दोनों बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई.
परिवार और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में बच्चों की काफी खोजबीन की, लेकिन देर रात तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया. बच्चों के नहीं मिलने से परिजनों को आशंका होने लगी कि कहीं उनका अपहरण तो नहीं कर लिया गया है.
गुरुवार की रात करीब 9 बजे नमामि गंगे घाट के पास गंगा नदी किनारे एक बच्चे की पैंट मिली. पैंट मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई. इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने मछली पकड़ने वाले जाल की मदद से गंगा नदी में देर रात तक बच्चों की तलाश शुरू की. हालांकि रात में कोई सफलता नहीं मिली और खोजबीन जारी रही.
शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों और घर वालों को एक बच्चे का शव पानी में तैरता दिखा. इसके बाद आसपास जाल फेंका गया. फइर दोनों बच्चों के शव बाहर निकाले जा सके.
सेटू चौरसिया मुंबई में मजदूरी करते हैं. वे अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ होली का त्योहार मनाने के लिए वह कई वर्षों बाद अपने परिवार के साथ गांव आए थे. परिवार जल्द ही दोबारा मजदूरी के लिए मुंबई लौटने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसी बीच यह दर्दनाक हादसा हो गया.
पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेजा है.
