सरायकेलाः बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष और सिंहभूम की पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा है कि राजनगर सीएचसी में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत के लिए सिस्टम और सरकार जिम्मेदार है. इस घटना ने प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के दावों की हकीकत और व्यवस्था की नाकामियां उजागर कर दी है.
राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान सहिया विनीता बानरा एवं उनकी नवजात शिशु की मृत्यु के खिलाफ सोमवार को बीजेपी के बैनर तले आयोजित धरना प्रदर्शन को वे संबोधित कर रही थीं.
गीता कोड़ा ने कहा, “एक मां और नवजात की जान चली गई, और जिम्मेदार लोग बेपरवाह बने रहे. यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही की पराकाष्ठा है।.झारखंड सरकार की यह असंवेदनशीलता शर्मनाक है. जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, भाजपा चुप नहीं बैठेगी.”
सहिया के परिजनों में आक्रोश
इस धरना प्रदर्शन में पार्टी के प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह, सरायकेला-खरसावां भाजपा जिलाध्यक्ष हरे कृष्णा प्रधान एवं पूर्व विधायक अनंतराम टुडू समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण और मृतका के पति दुर्गा चरन बानरा एवं परिजन भी मौजूद रहे, जिनका दुख और आक्रोश साफ झलक रहा था.
सहिया के परिजनों आरोप लगाया कि प्रसव के दौरान समय पर समुचित इलाज नहीं दिया गया, आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी और स्वास्थ्य कर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज किया।.परिजनों के अनुसार, बार-बार आग्रह करने के बावजूद न तो डॉक्टर समय पर पहुंचे और न ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए, जिसके कारण मां और नवजात दोनों की जान चली गई.

आदिवासी परिवारों की जान
धरना के दौरान वक्ताओं ने झारखंड सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर तीखा प्रहार करते हुए इसे पूरी तरह विफल और असंवेदनशील बताया। नेताओं ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, जहां गरीब और आदिवासी परिवारों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है. भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
50 लाख मुआवजा दे सरकार
इसके साथ ही ही भारतीय जनता पार्टी ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, एक आश्रित को सरकारी नौकरी तथा दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
धरना कार्यक्रम के उपरांत सभी लोग जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते अनुमंडल पदाधिकारी के पास पहुंचे. एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला को मांग पत्र सौंपा गया. अनुमंडल पदाधिकारी ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.
इस बीच इस सहिया विनीता बानरा के पति दुर्गाचरन बानरा ने राजनगर थाने में एक आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने पूरी घटना का ब्योरा अपने आवेदन में लिखा है.
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने भी इस घटना पर दुख जाहिर करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा है कि यह घटना राज्य में आम आदमी और आदिवासी के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर करती है. सरकार पीड़ित परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा दे.
