रांचीः बिल्डर कमल भूषण हत्याकांड में अदालत ने सोमवार को अभियुक्त डब्लू कुजूर समेत तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावस की सजा सुनायी है.
रांची सिविल कोर्ट के अपर न्याययुक्त आनंद प्रकाश की कोर्ट ने डब्लू कुजूर के अलावा उसके पुत्र राहुल कुजुर और काविस अदनान को यह सजा दी है. कोर्ट ने उक्त अभियुक्तों को शुक्रवार को दोषी करार दिया था.
तीनों पर कोर्ट ने 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त छह महीने की जेल होगी.
अदालत ने इस केस के आरोपी सुशीला कुजूर को साक्ष्य के अभाव में पहले ही बरी कर दिया था. वहीं, इस केस में सरकारी गवाह बने मुनव्वर अफाक को भी अदालत ने रिहा कर दिया. अफाक की गवाही को इस केस में अहम माना गया.
गौरतलब है कि 30 मई 2022 को पिस्का मोड़ के देवी मंडप रोड के पास बिल्डर कमल भूषण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से मामले के अनुसंधानकर्ता और एक सरकारी गवाह समेत 30 गवाहों की गवाही दर्ज करायी गयी थी.
अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य के तौर पर एफएसएल की रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की. हत्याकांड के एक आरोपी मुनावर अफाक सरकारी गवाह बन गया है.
अभियुक्त राहुल कुजुर से बिल्डर कमल की बेटी यामिनी ने प्रेम विवाह किया था, जिससे कमल भूषण नाराज थे. इस रंजिश के चलते राहुल और उसके भाई छोटू कुजूर ने हत्या की साजिश रची थी.
इस गुत्थी को सुलझाने और अभियुक्तों को सजा दिलाने में पुलिस ने की साक्ष्य जुटाये.
कमल भूषण की हत्या के बाद इस मामले में गवाह बने उनके अकाउंटेंट संजय सिंह की भी हत्या करवा दी गई. तब भी यामिनी पर आरोप लगा कि उसने ही शूटरों को सुपारी दी थी. यामिनी भी केस का सामना कर रही है.
