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रांचीः झारखंड सरकार द्वारा पेसा की नियमावली अधिसूचित किए जाने के बाद आदिवासी संगठनों की बैठकें और चर्चा का दौर शुरू है. पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के अगुआ पेसा की नियमावली पर आपत्ति जाहिर करते हुए इसमें आवश्यक और तत्काल सुधार पर जोर दे रहे हैं. स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि नियमावली में पंचायत राज व्यवस्था और जिला प्रशासन को गैर जरूरी महत्व दिए गए हैं. यह ग्राम सभा की शक्तियों को कमजोर करने की कोशिश है. रविवार, 11 दिसंबर को ‘परगना बाबा माझी बाबा’ एवं समाज के प्रतिनिधियों की देश परगना बाबा बैजू मुर्मू के अध्यक्षता में…

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रांचीः झारखंड सरकार ने अनूसचित क्षेत्रों (शिड्यूल एरिया) के लिए पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली लागू कर दिया है. नियामवली में ग्रामसभा को सशक्त करने के लिए कई अधिकार दिए गए हैं. साथ ही वनोपज, लघु खनिज जैसे संसाधनों पर ग्रामसभा का नियंत्रण होगा. झारखंड में पेसा कानून लागू करने की मांग वर्षों पुरानी रही है. पिछले 23 दिसंबर को कैबिनेट ने इस नियमावली को मंजूरी प्रदान की थी. जाहिर तौर पर अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को एवं जनजातीय समुदायों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता मिलने का रास्ता साफ हुआ है. इस कानून के लागू होने…

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रांचीः पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन कैबिनेट द्वारा मंजूर पेसा (पंचायत विस्तार अनुसूचित क्षेत्र) अधिनियम नियमावली को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से तैयार की गई यह नियमावली पेसा अधिनियम, 1996 के मूल प्रावधानों और भावना के बिल्कुल विपरीत है. पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए रघुवर दास ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने ग्राम सभा की परिभाषा में परंपरागत जनजातीय व्यवस्था और रूढ़िगत नेतृत्व को सीमित कर दिया है. जबकि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम…

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झारखंड में लंबे समय से पेसा (प्रोविजन ऑफ द पंचायत एक्सटेंशन टू द शेड्यूल एरिया एक्ट 1996) कानून लागू करने की मांग साकार हुई है. मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में पेसा नियमावली से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने दो संशोधनों के साथ नियमावली पारित की है. इसके तहत एक राज्सव ग्राम को एक ग्रामसभा माना जाएगा. इसके अलावा पहले ग्राम सभा को दस हजार रुपए दंड देने का अधिकार था, उसे घटाकर दो हजार रुपए कर दिया गया है. नियमावली के तहत योजनाएं ग्राम सभा के माध्यम से तय होंगी तथा गांव को सारे पारंपरिक अधिकार दिए…

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रांचीः भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि राज्य में पेसा कानून के लागू नहीं होने के लिए सीधे तौर पर सत्तारूढ़ दल जेएमएम और कांग्रेस जिम्मेदार है. एक आदिवासी नेता के मुख्यमंत्री रहते आदिवासी समाज अपने हक और अधिकार से वंचित हो रहा है. प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत में रघुवर दास ने कहा कि संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस झामुमो की सरकार राज्य के आदिवासियों ,पिछड़ों के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है। भाजपा की सरकार ने राज्य में पेसा कानून लागू करने की दिशा में सार्थक पहल किए थे।…

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रांचीः झारखंड में पेसा कानून लागू करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है. इस मांग को लेकर आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, सरना धर्मावलंबी के लोगों ने आदिवासी रूढ़ि सुरक्षा मंच के बैनर तले गुरुवार को राजभवन मार्च किया. जिला स्कूल प्रांगण से यह मार्च निकाला गया था. राजभवन पहुंचकर वहां सभा की गई. मंच के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा. राज्यपाल के नाम सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया कि पेसा कानून 1996 में अनुसूचित क्षेत्रों के स्वशासन, संस्कृति, पहचान और संसाधनों की रक्षा को लेकर पारित किया गया था. लेकिन, झारखंड में इसे…

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रांचीः झारखंड में पेसा कानून लागू करने को लेकर छिड़ी बहस के बीच बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है. इसके साथ ही उन्होंने पूछा है कि क्या पेसा कानून लागू होने से हेमंत सरकार को खतरा है? क्या इस डर से पेसा लागू नहीं किया जा रहा है कि सरकार गिर जाएगी? बुधवार को पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत में रघुवर दास ने कहा, “जब सारी वैधानिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो फिर आखिर कौन सी शक्ति है जो इसे लागू होने से रोक रही है? एक सरना समाज…

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