रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआइडी की एसआईटी ने पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है.
अब तक इस मामले में कुल 20 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. एल ख्यांग्ते के खिलाफ जांच एजेंसी को परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल से करोड़ों रुपए लेने और कमीशन, करप्शन में संलिप्तता की जानकारी मिली है.
गिरफ्तारी के बाद सीआइडी की टीम उन्हें अपने कार्यालय लेकर गई है. बताया जा रहा है कि पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें शाम में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा.
1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे एल ख्यांग्ते राज्य के मुख्य सचिव भी रहे हैं. उनके रिटायर करने के बाद सरकार ने उन्हें झारखंड लोक सेवा चयन आयोग का चेयरमैन बनाया था.
14वीं जेपीएससी की स पीटी परीक्षा में बड़े पैमाने की गड़बड़ियों की आशंका और उठते सवालों के बीच सरकार ने सीआइडी को जांच की जिम्मेदारी दी थी.
छापे के बाद दिया था इस्तीफा, चार बार लंबी पूछताछ
सीआइडी की एसआईटी ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते से भी अब तक चार बार लंबी पूछताछ कर चुकी है.
अपराध अनुसंधान विभाग ने 28 जुलाई को खियांग्ते से नौ घंटे तथा 29 और 31 जुलाई तथा 3 अगस्त को आठ-आठ घंटे पूछताछ की थी.
सीआइडी के अधिकारी उनसे भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा लेने वाली एजेंसी के कार्यकलाप, ओएमआर शीट, कट ऑफ मार्क्स, चेयरमैन की भूमिका समेत अन्य बिंदुओं पर लगातार जानकारी जुटा रही है.
जांच के क्रम में उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है. जेपीएससी और परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल के दफ्तर में 21 जुलाई को छापे के बाद ख्यांगते ने पद से इस्तीफा दे दिया था.
इसके बाद जांच एजेंसी ने ख्यांग्ते के आवास पर भी छापेमारी कर कई सामान जब्त किए थे.
परीक्षा एजेंसी से दो करोड़ रुपये में किया था सौदा
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी को अब तक की छानबीन में कई अहम जानकारियां मिली है.
जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित करने की जिम्मेदारी जिस मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को दी गई थी उसमें कथित तौर पर रिश्वत और कमीशन का बड़ा खेल हुआ था.
टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी ने गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को जानकारी दी है कि टीडीपीएल को ठेका दिलाने के एवज में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व चेयरमैन ने दो करोड़ रुपये में कथित सौदा किया था.
इतना ही नहीं उन्होंने टीडीपीएल को इस शर्त के साथ परीक्षा संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी थी की एजेंसी को सभी भुगतान के एवज में 20 प्रतिशत का कमीशन भी देना होगा.
यह पूरा खुलासा टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी ने सीआइडी के सामने अपनी स्वीकारोक्ति बयान में किया है. धमेंद्र कुमार जो ख्यांग्ते के कार्यालय में तैनात थे, उन्होंने ही चेयरमैन के कहने पर यह सौदा तय किया था. बाद में ख्यांग्ते ने जांच एजेंसी को काम दे दिया.
आयोग के तीनों सदस्यों का भी इस्तीफा
दो दिनों पहले आयोग के तीन सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राज्यपाल ने तीनों का इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है.
अजिता भट्टाचारार्य, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं. जमाल अहमद पहले स्कूल के शिक्षक थे. बाद में लेक्चरर बने. फिर सरकार ने उन्हें आयोग में सदस्य बनाया.
