हिरासत से छूटने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस ने ‘अगवा’ किया था.
उन्होंने अपने फ़ोन क्लोन होने की आशंका भी जताई है. उन्होंने कहा कि हमारे फोन जब्त कर लिए गए, पर जब्ती के मेमो नहीं दिए गए.
सौरव दास ने आरोप लगाते हुए कहा, “ये वो सरकार है जिसने नीरव मोदी और विजय माल्या को फ़्लाइट में बैठाकर देश से बाहर भेज दिया है जबकि हमें फ़्लाइट के अंदर से उठवा लिया गया.”
सौरव दास ने कहा- देश में इमरजेंसी जैसे हालात हैं और सरकार अपने ही लोगों से जंग लड़ रही है.
सौरव दास ने कहा “मुझे आरकेपुरम में रखा, आशुतोष को बल्लभगढ़ लेकर गए थे और अभिजीत को भी कहीं लेकर गए थे. जब हमें लेकर गए तो हमने पूछा कि हमारा मूलभूत अधिकार है कि हम अपने वकील से बात करें. लेकिन हमसे कहा गया कि हिरासत में लेने के दौरान कोई अधिकार नहीं होता है. दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ क्या बर्बरता करती होगी.”
उन्होंने कहा कि आखिर ज्ञानेश कुमार सत्ता में बैठे लोगों की कौन सी बात जानते हैं, जिससे उन्होंने हटाने के कदम नहीं उठाये जा रहे.
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया, “नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के अब तक के सबसे कायर प्रधानमंत्री हैं.”
अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट कोर्ट से रविवार को रिहा किए जाने के बाद दोपहर 2 बजे दिल्ली प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान ये बातें कहीं.
इस प्रेस कान्फ़्रेंस में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके नहीं थे. रिहा होने के बाद दीपके ने बताया कि वो अपनी दादी का निधन होने के बाद गांव लौट रहे हैं.
सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक़, तीनों लीडर को इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे.
दीपके, रांका और दास को 10 अक्तूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन से ही हिरासत में ले लिया गया था.
गौरतलब है कि अभिजीत दीपके, अशुतोष रांका और सौरव दास करीब 23 घंटे हिरासत में रहने के बाद रविवार सुबह 10 बजे रिहा हुए. दादी के निधन के कारण दीपके महाराष्ट्र स्थित घर रवाना हो गए.
उधर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी है. दिल्ली में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है.
