रांचीः झारखंड की राजधानी रांची में कुसुम विहार, मोराबादी स्थित वृंदा ग्रीन सोसाइटी की बाउंड्री गुंडे-बदमाशों ने एक बार फिर ध्वस्त करा दिया है.
सोमवार की आधी रात 25-30 की संख्या में असामाजिक तत्व हरवे- हथियार से लैस जेसीबी लेकर पहुंचे थे. जेसीबी से सोसाइटी के मंदिर के सामने की बाउंड्री को ध्वस्त करा दिया. इसके साथ ही जमकर पत्थरबाजी की गई.
पत्थरबाजी में कई फ्लैट की खिड़कियों के शीशे टूट गए. बेसमेंट में लगी कारें क्षतिग्रस्त हो गईं. एक निवासी पत्थरों की चोट से लहूलुहान हो गए.
अचानक हुई इस घटना से सोसाइटी में रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गया. करीब एक घंटे तक गुंडे-बदमाशों ने आतंक मचाया. लोग घरों में दुबके रहे. सूचना मिलने पर बरियातू थाना की पुलिस पहुंची. पुलिस को देखकर गुंडे भाग निकले. पुलिस ने छानबीन की. पुलिस के आला अधिकारियों को भी सोसाइटी के लोगों ने इस घटना की जानकारी दी है.

सोसाइटी में रहने वाले लगभग 100 परिवार इस घटना से दहशत में हैं. महिलाएं और बच्चे शाम में घरों से निकल नहीं रहे.
इस सोसाइटी में कई डॉक्टर, इंजीनियर, बैंककर्मी और रिटायर अधिकारी भी रहते हैं. सोसाइटी के पदाधिकारियों ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देने के साथ इस दंबगई से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई है.
गौरतलब है कि पिछले साल भी एक गिरोह, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उसे भेजकर सोसाइटी की बाउंड्री को ध्वस्त कराया गया था. पत्थरबाजी की गई थी. सभी लोग लाठी- डंडे लेकर आए थे. आतताई भीड़ ने फ्लैट में रहने वालीं महिलाओं को भी डराया-धमकाया था. तब सोसाइटी की तरफ से बरियातू थाना में एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी. इसमें एक उपद्रवी महिला का नाम भी बताया गया था.
बिल्डर की दंबगई से परेशान
इस बीच बिल्डर रिपुंजय सिंह ने बरियातू थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है कि वृंदाग्रीन के वर्तमान फ्लैट से दूसरे फ्लैट (वीजी-3 प्रोजेक्ट) जाने का यही 40 फीट चौड़ा रास्ता है. इसे सोसाइटी के कुछ लोग लगातार अवरूद्ध कर रहे थे. सोसाइटी के लोगों ने सड़क को बंद करने के लिए ईंटें जुड़वा दी है. इसी को लेकर विवाद और हंगामा हुआ. सड़क का मामला फिलहाल झारखंड हाइकोर्ट में विचारधीन है.

जबकि सोसाइटी के पदाधिकारियों, निवासियों सीनियर सिटीजन का कहना है कि यह रास्ता दस सालों से बंद है. लेकिन बिल्डर के कथित इशारे पर ही चहादीवारी को तोड़ी जाती है.
सोसाइटी में रहने वाले लोगों का इन बातों पर भी जोर है कि जब वेलोग फ्लैट खरीदे थे, तो यही कहा गया था कि वृंदा ग्रीन एक और दो के लिए यही रास्ता है. लेकिन अब सोसाइटी की चहारदीवारी को तोड़कर आम रास्ता बनाने की कुत्सित कोशिश की जा रही है.
दरअसल बिल्डर का दो और बहुमंजिला अपार्टमेंट पीछे की ओर बन रहा है. कई प्लॉट पर लोग घर बनवा रहे हैं और उधर जाने का रास्ता नहीं है. इसलिए वृंदाग्रीन की बाउंड्री दंबगई के बल पर तोड़ी जा रही है. बाउंड्री तोड़े जाने पर मंदिर भी असुरक्षित हो जाता है.

मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए सोसाइटी के सीनियर सिटीजन और महिलाओं ने बताया कि वेलोग 10-12 साल से बाउंड्री का निर्माण कराकर रहे हैं. अगर इसे तोड़कर आम रास्ता बना दिया जाएगा तो वेलोग असुरक्षित हो जाएंगे.
सोसाइटी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि बिल्डर और उनके लोग इसे आम रास्ता बनाने के लिए लगातार नियम- कायदे का उल्लंघन कर रहे हैं. साथ ही यहां रहने वाले लोगों के साथ करार भी पूरा नहीं किया गया है.
जानकारी के मुताबिक बाउंड्री तुड़वाने दहशतगर्दी फैलाने में पर्दे के पीछे से राजनीतिक दल से जुड़े नेता का भी हाथ बताया जाता है. वह नेता भी रियल इस्टेट के कारोबार से जुड़ा रहा है.
