रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि खरसावां गोलीकांड के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने के लिए विशेष आयोग का गठन किया जाएगा.
खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस पर गुरुवार, एक जनवरी को खरसावां स्थित शहीद पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उन्होंने ये बात कही.
इससे पहले मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक (शहीद बेदी) एवं वीर शहीद केरसे मुंडा चौक स्थित शहीद स्मृति-चिन्ह पर श्रद्धांजलि अर्पित कर अमर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी.
उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती शौर्य और बलिदान की प्रतीक रही है. इस मिट्टी की हर कण में आदिवासियों और मूलनिवासियों के संघर्ष की गाथा समाई हुई है खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों की पहचान कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने इस दिशा में निर्णायक कदम की घोषणा करते हुए कहा कि एक विशेष आयोग का गठन किया जाएगा, जिसमें रिटायर्ड जज, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। यह आयोग सभी दस्तावेजों, ऐतिहासिक अभिलेखों और स्थानीय परंपराओं के आधार पर शहीद परिवारों की पहचान करेगा. इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन परिवारों को उचित सम्मान, मान्यता और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना है, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए.
मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार की प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करते हुए कहा, “हमारा यह नैतिक दायित्व है कि जिनकी कुर्बानी से झारखंड की अस्मिता और स्वतंत्र पहचान बची, उनके वंशजों को गर्व और सम्मान के साथ जीने का अवसर मिले.”
उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष तक सभी शहीद परिवारों की शिनाख्त कर समारोहपूर्वक सम्मानित किया जाएगा
हेमंत सोरेन ने इस मौके पर कहा, “झारखंड की मिट्टी शहादत की गाथाओं से भरी है. जितना समृद्ध इतिहास हमारे राज्य का है, उतना किसी अन्य प्रदेश का नहीं. अनगिनत लोगों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासी अस्मिता के लिए अपनी जानें न्योछावर कीं. हम लड़े हैं, तभी बचे हैं. हमारे वीर सपूतों ने कभी हार नहीं मानी.
श्रद्धांजलि सभा में मंत्री दीपक बिरुवा, सांसद श्रीमती जोबा मांझी, विधायक दशरथ गगराई, सुखराम उरांव, सविता महतो, जगत मांझी तथा पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर खरसावां के अमर वीरों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
