रांचीः झारखंड के पश्चिम सिंहभूम स्थित सारंडा जंगल में नक्सलियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी माओवादी अनल दा उर्फ पतिराम मांझी समेत 15 नक्सली मारे गए हैं.
अनल के अलावा पांच और इनामी माओवादी मारे गए हैं, जिसमें 25 लाख का इनामी अनमोल भी शामिल है.
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान में इसे बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है.
सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह और झारखंड पुलिस के आईजी अभियान सह प्रवक्ता माइकल राज एस ने बताया है कि अभी तलाशी जारी है. आगे और भी सूचनाएं सामने आएंगी.
पुलिस प्रवक्ता ने बताया है कि अनल के खिलाफ 148 मामले दर्ज हैं. और कई बड़े कांड में वह शामिल रहा है.
सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह ने कहा कि छह- सात घंटे फायरिंग हुई. लिहाजा अभी सर्च जारी है. 11 शवों की पहचान कर ली गई है.
उन्होंने कहा है कि झारखंड में नक्सलियों पर यह बड़ा प्रहार है. वे लगभग सफाया के कगार पर हैं. सारंडा में माओवादियों से निर्णायक लड़ाई चल रही थी।
यह मुठभेड़ छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बहदा–कुमडीह गांव के बीच हुई है. इस मुठभेड़ में और कई शीर्ष माओवादियों के मारे जाने की खबर है.
नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना पर टोटोंगड़ा के जंगलों में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस ने साझा अभियान शुरू किया था.
इस दौरान सुरक्षाबलों पर नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में एक के बाद एक कर नक्सली मारे गए हैं.
जिला मुख्यालय से पुलिस के अधिकारी अतिरिक्त फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुंचे हैं. यह जगह दुर्गम है. पुलिस ने जंगल को घेर रखा है.
कौन था अनल दा उर्फ तूफान
अनल दा उर्फ तूफान का असली नाम पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मांझी उर्फ रमेश था. वह गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना इलाके के झरहाबाले गांव का रहने वाला था. उसके पिता का नाम टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी था.
अनल दा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का सेंट्रल कमिटी सदस्य (CCM) था. उसे माओवादियों का रणनीतिकार माना जाता था, जो संगठन की बड़ी योजनाएं बनाता था. उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. अनल दा का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता और माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
