प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान लोकसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो आज इस बिल का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
उन्होंने कहा कि अब देश की बहनों पर भरोसा करें, 33 फ़ीसदी महिलाओं को यहां आने दें और उन्हें निर्णय करने दें.
महिला आरक्षण पर उन्होंने कहा कि देश की 50 फ़ीसदी आबादी को नीति-निर्माण में शामिल होना चाहिए.
उन्होंने कहा, “मुझे सबको साथ लेकर चलना है और मुझे संविधान ने यही सिखाया है.”
उन्होंने महिला आरक्षण पर कहा कि “हम भ्रम में न रहें कि हम कुछ नारी शक्ति को दे रहे हैं, ये उनका हक है. और हमने कई दशकों से रोका हुआ है, आज उसका प्रायश्चित कर हमें उस पाप से मुक्ति पाने का अवसर है.”
उन्होंने कहा कि 2023 में इस विधेयक को व्यापक समर्थन मिला था और अब इसे लागू करने में देरी नहीं होनी चाहिए. 2029 तक इसे लागू करने का अवसर है, जिसे गंवाया नहीं जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका अधिकार है, जिसे लंबे समय तक टाला गया है। अब समय है कि इस ऐतिहासिक कमी को दूर किया जाए.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस फैसले का श्रेय किसी एक दल या व्यक्ति को नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि यह पूरे सदन और देश का सामूहिक निर्णय होगा.
परिसीमन पर क्या कहा
प्रधानमंत्री ने परिसीमन पर कहा कि “मैं आज ज़िम्मेदारी से कहना चाहता हूं कि निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी. किसी के साथ अन्याय नहीं होगा.”
“पहले जो परिसीमन हुआ है और जो अनुपात पहले से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा. उसी के अनुसार परिसीमन होगा.”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले हुए परिसीमन के दौरान जो अनुपात तय किया गया था, उसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और आगे की वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी.
पीएम मोदी ने दी गारंटी
उन्होंने विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि अगर किसी को भरोसा चाहिए तो वह गारंटी देने को भी तैयार हैं. अगर गारंटी चाहिए तो मैं गारंटी देता हूं, वादा चाहिए तो वादा देता हूं. जब नीयत साफ होती है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं होती. कुछ लोग इस प्रक्रिया को उनके राजनीतिक स्वार्थ से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन यह पूरी तरह गलत है. अगर आप इसका विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे मिल सकता है, लेकिन अगर साथ चलेंगे तो किसी का नुकसान नहीं होगा. हमें किसी क्रेडिट की जरूरत नहीं है. उन्होंने यहां तक कहा कि बिल पारित होने के बाद वह सभी दलों को श्रेय देने के लिए तैयार हैं.
