दुमकाः झारखंड में दुमकी का एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने पोड़ैयाहाट से कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को एक साल की सजा सुनायी है.
विशेष न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित चौधरी ने प्रदीप यादव को एक साल की सजा सुनाते हुए बाकी सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है.
बरी होने वालों में पूर्व मंत्री और भाजपा नेता रणधीर सिंह भी शामिल हैं.
फैसले के वक्त सभी आरोपी कोर्ट में हाजिर थे.
मौके पर प्रदीप यादव की ओर से उनके अधिवक्ता शंकर बसई वाला ने अदालत में जमानत का आवेदन दिया, जिसे न्यायालय ने दस हजार के दो मुचलकों पर स्वीकार कर लिया है.
कब का और क्या है मामला
15 सितंबर 2010 को देवघर में सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर झारखंड विकास मोर्चा ने समाहरणालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था. आंदोलन का नेतृत्व प्रदीप यादव और रणधीर सिंह सरीखे नेता कर रहे थे. तब दोनों नेता जेवीएम में थे.
कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर स्टेडियम में रखा था. कोर्ट ने माना कि इस दौरान प्रदीप यादव पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों को छुड़ा ले गए थे.
इसे लेकर टाउन थाना में मामला 2010 में देवघर नगर थाना में दर्ज हुआ था.
यह प्राथमिकी तत्कालीन दंडाधिकारी सह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुधीर कुमार मोदी ने लोक संपति अधिनियम के तहत 12 नामजद समेत 200 अज्ञात के खिलाफ दर्ज करायी थी.
अभियोजन ने इस केस में 6 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया था. सुनवाई के बाद प्रदीप यादव को सजा सुनायी गयी.
