राज्यः भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड सहित देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) की घोषणा की है.
झारखंड में एक अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए यह अभियान चलाया जाएगा.
आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 20 से 29 जून तक प्रशिक्षण और अन्य तैयारियां पूरी की जाएंगी. इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. इसी अवधि में मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी किया जाएगा.
पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत पांच अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा. इस पर चार सितंबर तक दावा एवं आपत्तियां ली जाएंगी. प्राप्त आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया तीन अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी, जबकि सात अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा.
मतदाता सूची का प्रकाशन
पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत पांच अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा. इस पर चार सितंबर तक दावा एवं आपत्तियां ली जाएंगी. प्राप्त आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया तीन अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी, जबकि सात अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा.
29571 बीएलओ
आयोग ने झारखंड में इस अभियान के सफल संचालन के लिए 29,571 बीएलओ तैनात करने का निर्णय लिया है.
इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से 21,644 बूथ लेवल एजेंट भी लगाए जाएंगे, जो पुनरीक्षण प्रक्रिया की निगरानी और सहयोग करेंगे.
वर्तमान में झारखंड में कुल मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 64 लाख 89,777 है.
निर्वाचन आयोग का मानना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से मतदाता सूची में पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र मतदाताओं को शामिल करने में मदद मिलेगी.
