खूंटीः खूंटी सदर थाना क्षेत्र के घाघरा गांव के पास तजना नदी पुल के नीचे शुक्रवार सुबह एक महिला और युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई.
मृतकों की पहचान लोहरदगा जिले के भंडरा थाना क्षेत्र के बड़गांई निवासी नेहा कुमारी (25) और अरुण कुमार राणा (21) के रूप में हुई है.
दोनों एक ही गांव के रहने वाले और पड़ोसी थे. मृतका का ससुराल गुमला जिले के करंज थाना क्षेत्र के डुड़िया गांव में है.
पुलिस घटना स्थल पर पहुंची है. छानबीन जारी है. दोनों शवों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है. पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू है.
खून के निशान, हत्या कर शव फेंकने की आशंका
घटनास्थल पर पुल के ऊपर खून के निशान पाए गए हैं. इससे आशंका जताई जा रही है कि दोनों की हत्या पुल के ऊपर करने के बाद शवों को नीचे फेंका गया.
नेहा का शव पुल के नीचे गिरने से क्षत-विक्षत हालत में मिला, जबकि अरुण का शव पुल के किनारे नाली में पड़ा था. घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे हैं.

एफएसएल और डॉग स्क्वायड ने शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल की टीम और डॉग स्क्वायड को घटनास्थल पर बुलाया गया.
एसडीपीओ मंगल सिंह जामूदा, खूंटी सदर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह, सोयको थाना प्रभारी पीआर पांडे समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की.
पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है.
डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है. पुलिस ने दावा किया है कि हत्याकांड में शामिल अपराधकर्मियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
पति पर हत्या का शक
घटना को लेकर मृतका नेहा के पति कुंदन प्रमाणिक पर कथित हत्या का शक जताया जा रहा है.
परिजनों के अनुसार, नेहा और कुंदन के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. नेहा ने पति के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया था, जो न्यायालय में विचाराधीन है.

बेटे को लेने गई थी नेहा
नेहा की छोटी बहन निशा की शादी शनिवार को होने वाली थी. शादी को लेकर नेहा अपने मायके बड़गांई आई हुई थी. गुरुवार शाम करीब चार बजे वह अपने पड़ोसी अरुण कुमार राणा की बाइक से अपने ससुराल गुमला जिले के करंज थाना क्षेत्र के डुड़िया गांव पहुंची थी.
परिजनों के अनुसार, नेहा अपने पांच वर्षीय बेटे को मायके ले जाने के लिए पति कुंदन प्रमाणिक से इजाजत मांगी, लेकिन कुंदन ने बेटे को देने से इनकार कर दिया. इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया.
परिजनों का आरोप
विवाद के बाद नेहा अरुण के साथ करंज थाना पहुंची और पुलिस से मदद की गुहार लगाई. मृतकों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की.
उनका कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो दोनों की हत्या नहीं होती. परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद नेहा और अरुण बाइक से वापस बड़गांई लौट रहे थे. इसी दौरान डुड़िया के पास कुंदन प्रमाणिक अपने तीन-चार सहयोगियों के साथ पहुंचा और दोनों को पीछे से धक्का मारकर गिरा दिया. आरोप है कि बाइक को धक्का देकर गिराने के बाद दोनों को कथित तौर पर स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर ले जाया गया.
मदद करने में गई पड़ोसी अरूण की जान
मृतकों के परिजनों ने बताया कि अपने पड़ोस की नेहा कुमारी की मदद करने में अरूण कुमार राणा की जान चली गई.
अरूण इन दिनों अपने पिताजी प्रकाश राणा के साथ फर्निचर का काम सीख रहा था.
इसी बीच नेहा के अनुरोध और उसके पिता के कहने पर अरूण कुमार राणा नेहा कुमारी को लेकर उसके ससुराल गया था, जहां पति-पत्नी में विवाद हुआ और इस विवाद में नेहा के साथ अरूण कुमार राणा की भी जान चली गई.
