रांची कांग्रेस के गोवा, दमन एवं दादरा नगर हवेली के प्रभारी और पूर्व मंत्री मानिक राव ठाकरे ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में न्यायिक जांच की मांग की है.
रांची स्थित कांग्रेस भवन में संवाददाता सम्मलेन को संबोधित करते हुए उन्होंने चंदा चोरी मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब इस ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ था, तो इस घोटाले की जिम्मेदारी कौन लेगा. अगर सब कुछ सही था, तो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को इस्तीफ़ा क्यों देना पड़ा.
उन्होंने कहा कि अगर कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, तो सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने से क्यों डर रही है. उन्होंने कहा, क्या ‘डबल इंजन’ सरकार बड़े दोषियों को बचा रही है.
पूर्व मंत्री मानिक राव ठाकरे ने कहा कि पीएम मोदी देश के सामने आएं और स्पष्ट करें कि ट्रस्ट के गठन और उसकी प्रशासनिक निगरानी में पीएमओ की क्या भूमिका रही है. इस मामले में पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और घोटाले में शामिल अन्य रसूखदार लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए. साथ ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में हो.
उन्होंने कहा कि वर्तमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तुरंत भंग करके धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों और विशेषज्ञों को शामिल कर एक नया पारदर्शी ट्रस्ट बनाया जाए.
मानिक राव ठाकरे ने कहा कि कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार होना यह साबित करता है कि मामला महज प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि एक बड़ा घोटाला है.
