पूर्व भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान असुंता लकड़ा ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह और झारखंड के कोच सुधीर गोला पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके साथ ही उन्होंने खेल मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है. हालांकि, राष्ट्रीय महासंघ ने इन दावों का खंडन किया है.
द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई), भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टीओपीएस) के अधिकारियों को संबोधित एक पत्र में, लकड़ा ने दावा किया, “कदाचार के आरोपी व्यक्तियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि चिंता व्यक्त करने वालों को धमकी और प्रतिशोध का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने रांची स्थित एकलव्य हॉकी अकादमी में यौन उत्पीड़न के आरोपों को झारखंड सरकार के संज्ञान में लाया था, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने व्यवस्था में उनके विश्वास को “हिला” दिया.”
यौन उत्पीड़न पर आवाज उठाने का सिला
अंसुता ने कहा है. “मैं आपको केवल भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान, हॉकी इंडिया के कार्यकारी बोर्ड की सदस्य और चयनकर्ता के रूप में ही नहीं, बल्कि एक भारतीय महिला के रूप में भी लिख रही हूं, जिसने तब आवाज उठाने का फैसला किया जब युवा महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न किया जा रहा था.
“एक दशक से अधिक समय तक मुझे भारत की जर्सी पहनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. अपने पूरे करियर के दौरान, मेरा मानना रहा है कि एक वरिष्ठ खिलाड़ी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी केवल पदक जीतना ही नहीं बल्कि अगली पीढ़ी की रक्षा करना भी है.”
लकड़ा ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार द्वारा गोला को निलंबित किए जाने के बाद भी, वह अकादमी के छात्रावास में घुस गया और युवा महिला खिलाड़ियों पर अपनी शिकायतें वापस लेने के लिए दबाव डाला.
उन्होंने यह भी दावा किया कि खुलकर बोलने के बाद वह एक बदनामी अभियान का निशाना बन गईं.
“हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने फोन पर मुझे धमकी दी और कहा कि ‘अपनी हद में रहो’. उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें कोई नहीं हटा सकता – न हॉकी झारखंड और न ही हॉकी इंडिया.”
परिवार को भी धमकी
लकड़ा ने कहा कि कथित धमकियों के बावजूद उन्होंने बोलना जारी रखा और दावा किया कि उनके परिवार के सदस्यों को भी डराया-धमकाया गया था.
भोलानाथ सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें 19 जुलाई को होने वाले हॉकी झारखंड चुनावों से पहले उन्हें बदनाम करने का प्रयास बताया।
“मैंने कभी किसी को धमकी नहीं दी. हॉकी इंडिया चुनावों से पहले हमें बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है।”
दूसरी तरफ अंसुता ने भोलानाथ सिंह की टिप्पणियों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वह चुनाव नहीं लड़ रही हैं और केवल यह चाहती हैं कि पूर्व खिलाड़ियों को खेल के संचालन में अधिक भूमिका मिले. उन्होंने हॉकी झारखंड पर हॉकी से कम जुड़ाव रखने वाले लोगों द्वारा चलाए जाने का आरोप भी लगाया, जिसे सिंह ने खारिज करते हुए कहा कि 2014 से संघ का काम खुद ही इसका प्रमाण है.
असुंता भारतीय हॉकी की अनमोल रत्नों में से एक हैं: तिर्की
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद दिलीप तिर्की ने लकड़ा को “भारतीय हॉकी के रत्नों में से एक” बताया और कहा कि आरोपों को सामने लाकर उन्होंने खेल की सेवा की है।
उन्होंने कहा कि आरोप सामने आने के बाद हॉकी इंडिया ने गोला को अंडर-18 राष्ट्रीय टीम से तुरंत हटा दिया था, और यह भी कहा कि गोला का हॉकी इंडिया या एसएआई से कोई संबंध नहीं था और अब आगे की कार्रवाई झारखंड सरकार पर निर्भर करती है.
भोलानाथ सिंह के खिलाफ लकड़ा के आरोपों पर, तिर्की ने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वे दोनों पक्षों से बात करेंगे. “महिलाओं की गरिमा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और हॉकी इंडिया इसे सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.”
