लोहरदगा : रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर फेंके गए पेट्रोल बम धमाके की जांच के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार की सुबह लोहरदगा मेंएक साथ पांच अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की.
यह कार्रवाई सुबह करीब 4 बजे शुरू हुई, जिसके दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए.
जानकारी के अनुसार, एनआईए की टीम ने संदिग्धों के ठिकानों पर दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की गहन जांच की.
जांच के दौरान एनआईए को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
बताया जा रहा है कि बम धमाके के मामले में न्यायिक हिरासत में बंद मुख्य आरोपी अमन अंसारी के घर भी एनआईए की टीम पहुंची. टीम ने घर का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर बिजली विभाग की क्रेन की मदद ली गई. क्रेन के जरिए पुलिसकर्मी घर के ऊपरी हिस्से तक पहुंचे और ताले तक पहुंचकर आगे की कार्रवाई की.
गौरतलब है कि इससे पहले भी बीती 19 जून को एनआईए ने इसी मामले को लेकर लोहरदगा के कुछ ठिकानों पर छापेमारी की थी और गुरुवार की कार्रवाई को उसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है.
आधी रात हुआ था हमला
पिछले 16 जून की रात 12.36 बजे रांची में चुटिया थाना अंतगर्त निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था. इसके बाद झारखंड पुलिस की एसआईटी ने लोहरदगा के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
झारखंड एटीएस की टीम भी इस मामले में जांच कर रही है. पिछले 22 जून को एटीएस की टीम भी जांच के लिए आरएसएस के कार्यालय में पहुंची थी. टीम ने आसपास का जायजा लिया और संघ के पदाधिकारियों से भी पूछताछ की.
हाल ही में पेट्रोल बम से हमले करने के दो आरोपी अमन अंसारी और सायम सुजान समेत तीन को एनआईए ने रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी.
इसी मामले में गिरफ्तार तीसरे आरोपी सैफ अंसारी को भी जांच एजेंसी जल्दी ही रिमांड पर लेगी.
एनआईए इन आरोपियों के कथित पाकिस्तान और दुबई कनेक्शन की जानकारी जुटा रही है. साथ ही उनके मोबाइल फोन, बैंक खातों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को भी खंगालने में जुटी है.
हमले के पीछे किसी बड़ी साजिश और विदेशी कनेक्शन की संभावना को देखते हुए एनआईए को जांच की जिम्मेदारी दी गई है.
इस मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क और संभावित आरोपियों की भूमिका की गहन जांच जारी है. छापेमारी के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है.
