रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ रांची में जारी छात्रों के आंदोलन के बीच अनशनकारियों की हालत बिगड़ती जा रही है.
अनशन पर बैठे छात्रों में शामिल पलामू निवासी राहुल की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी उनसे मिलने सदर अस्पताल जा रहे हैं.
राहुल की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर प्रशासन भी सक्रिय हुआ. एसडीओ सदर अस्पताल पहुंचे है. उन्होंने अस्पताल में इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
सरकार से वार्ता पर जिच
इधर सरकार से वार्ता के लिए छात्रों द्वारा तय प्रतिनिधिमंडल में नामोंं को लेकर सरकार सहमत नहीं है.
सरकार का तर्क है कि वह छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी बाहर के प्रतिनिधियों के साथ नहीं.
दरअसल, छात्रों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में दो पत्रकारों और एक वकील को शामिल किया है. इसे लेकर सरकार की वार्ता से पहले मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की सूची पर दो टूक कहा है कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ केवल छात्रों से सीधी बातचीत करेगी, किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं.
छात्रों द्वारा सौंपी गई 11 सदस्यीय सूची पर सवाल उठाते हुए मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा, “हम छात्रों के मुद्दों का समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन सूची में पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार का नाम क्यों जोड़ा गया है? इससे साफ होता है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और कोचिंग माफिया पर्दे के पीछे रहकर इस पूरे आंदोलन के नाम पर राजनीति चमका रहे हैं.”
विधानसभा में विपक्ष का शोर-शराबा
इधर झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी जेपीएससी-जेएसएससी में धांधली को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला.
भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने सदन के बाहर और भीतर सरकार को जोरदार तरीके से घेरा.
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. वे सीबीआइ जांच की मांग को लेकर नारेबाजी भी करते रहे. भाजपा विधायक ‘JPSC के रेट चार्ट’ लिखे पोस्टर लहरा रहे थे. सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विधायक वेल में घुस आए.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि सरकार जब तक पूरे मामले की सीबीआई जांच का आदेश नहीं देती, तब तक विरोध जारी रहेगा. सीबीआई जांच से कम कुछ भी मंजूर नहीं है.
