झारखंड सरकार द्वारा जेपीएससी की 11वी से 13 वीं की परीक्षा रद्द करने पर हाईकोर्ट की रोक के बाद जेपीएससी-जेएसएसी रिफॉर्म मंच की प्रतिक्रिया सामने आई है.
मंच ने कहा है कि सरकार ने लाखों छात्रों के साथ छल किया है. गुरुवार को हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं की परीक्षा तथा फूड सेफ्टी ऑफिसर की परीक्षा को रद्द किए जाने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है.
सरकार ने रांची में जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के तेवर को देखते हुए 22 परीक्षाओं को रद्द किया है.
एक नई लड़ाई शुरू हो गई है
गुरुवार को कोर्ट के फैसले आने के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा “झारखंड हाई कोर्ट द्वारा 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगाने पर कहा, “आज कोर्ट में जो कुछ भी हमने देखा, उससे यह साफ हो गया कि सरकार ने झारखंड के लाखों छात्रों के साथ छल किया है. सरकार ने झारखंड के लाखों छात्रों को धोखा देने का काम किया है. जब तक आप परीक्षा रद्द नहीं कर रहे थे और CBI जांच के लिए तैयार नहीं थे, तब तक तो ठीक था. लेकिन छात्रों के साथ जो धोखा किया है, एक नई लड़ाई शुरू हो गई है. हम छात्र इसका जवाब देंगे”.”
उन्होंने कहा, “कोर्ट में आपकी मंशा सबके सामने आ गई. आपने न सिर्फ झारखंड के लाखों छात्रों को धोखा दिया बल्कि राज्य की आम जनता और उन अभिभावकों को भी धोखा दिया जिन्होंने अपने बच्चों को अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भेजा.”
उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ने कहा था कि हम राज्य के छात्रों के साथ हैं तो आज कोर्ट में यह मंशा क्यों नहीं दिखाई दी. इसलिए हम शुक्रवार को राज्य के सभी जिलों में मुख्यमंत्री के पुतला दहन का आह्वान करते हैं.
मंच के कुणाल प्रताप सिंह ने कहा है कि कोर्ट की कार्रवाई के दौरान कोई बड़ा वकील उपस्थित नहीं रहा, जो वकील थे उन्होंने कुछ नहीं बोला. ऐसे में लगता है सरकार ने छात्रों को ठगने का काम किया है.
अगर सरकार छात्रों को ठगने का काम करेगी तो हम 2 महीने से पहले ही एक बड़ा आंदोलन करेंगे. जिसमें लाखों स्टूडेंट शामिल होंगे, इसमें हम मुख्यमंत्री के इस्तीफा की मांग करेंगे.
