रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि परिसीमन के पीछे हिडेन एजेंडा है. चतुराई से आदिवासी और दलित सीटों को घटाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है. अब जनता को आर-पार की लड़ाई लड़नी होगी. हमलोगों ने भी तय कर लिया है सरकार में रहें या नहीं रहें पूरी ताकत से लड़ेंगे.
परिसीमन को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले बार भी ऐसा ही प्रयास हुआ था. वरिष्ठ सदस्य जानते हैं कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में इसे रोका गया. इस बार भी लड़ेंगे.
झारखंड विधानसभा के बजट ससत्र के अंतिम दिन गुरुवार को हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर हमला बोला. इसके साथ ही अपनी सरकार के कार्यों, योजना की चर्चा की. उन्होंने कहा कि झारखंड में विपछ निचले स्तर की राजनीति कर रहा है. पहले रामनवमी और मोहर्रम में दंगे की बात सुनाई देती थी अब होली में भी दंगा होने लगा है.
सदन में करीब सवा घंटे के संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा है केंद्र सरकार झारखंड का हक मार रही है. कोयले पर रॉयल्टी का एक लाख 36 हजार करोड़ बकाये की मांग हम लगातार कर रहे हैं, लेकिन उसे उलझा कर रखा गया है.
हेमंत सोरेन ने विधानसभा में यह भी दावा किया कि भाजपा नेता, केवल राज्य और देश के विकास के बारे में बोलते हैं, लेकिन करते कुछ नहीं. उन्होंने खतियान आधारित स्थानीय नीति, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण और सरना धर्म कोड का मामला भी उठाया. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इन मुद्दों पर प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा है, लेकिन वह कुंडली मारकर बैठा है. अब जनता ही इसका फैसला करेगी. संघर्ष के रास्ते हम जाने की तैयारी में हैं.
असम के सीएम पर साधा निशाना
इस दौरान मुख्यमंत्री ने असम के सीएम हिमंता विश्व सरमा पर हमला बोलते हुए कहा, “झारखंड में सुपरस्टार बनकर घूमने वाले असम के सीएम से हमने आदिवासियों को उनके राज्य में अधिकार देने की बात कही थी तो वह गोल-मोल जवाब देकर निकल गए थे.”
सोरेन ने कहा, देश की अर्थ व्यवस्था आइसीयू में है और कुंभ को इकोनॉमिक मॉडल बताया जा रहा है. विकसित देश लॉजिक से चल रहे हैं, वहीं भारत मैजिक से चल रहा है.
