देवघरः झारखंड के देवघर समाहरणालय स्थित भू-अर्जन कार्यालय के प्रधान सहायक (बड़ा बाबू) और एक चपरासी को बीस हजार रुपये घूस लेते हुए एसीबी की टीम ने गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तारी के बाद दोनों कर्मचारियों को एसीबी की टीम दुमका लेकर चली गई. उनसे पूछताछ जारी है.
यह मामला देवघर रिंग रोड परियोजना से जुड़ा है. जानकारी के अनुसार, कुंडा थाना क्षेत्र के गौरीपुर निवासी ब्रह्मदेव यादव की जमीन इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी.
इस जमीन के बदले मिलने वाले मुआवजे की राशि दिलाने के नाम पर कार्यालय के प्रधान लिपिक निरंजन कुमार और अनुसेवक नुनुदेव यादव ने 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी.
ब्रह्मदेव यादव ने रिश्वत मांगे जाने की लिखित शिकायत दुमका एसीबी से की थी. शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने शुक्रवार को दोनों कर्मचारियों निरंजन कुमार और नुनुदेव यादव को गिरफ्तार किया.
एसीबी की टीम ने संबंधित फाइलों और दस्तावेजों की भी पड़ताल की.
