हजारीबागः हजारीबाग जिले के जेएमएम अध्यक्ष संजीव बेदिया के सरकारी बॉर्डीगार्ड निरंजन महतो की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में एसपी अमन कुमार ने कहा है कि जांच जारी है. डीएसपी, इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर जायजा भी लिया है.
एसपी ने बताया कि जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के साथ दो अंगरक्षक तैनात थे, जिसमें एक बॉडीगार्ड कमरे में थे, जबकि दूसरा बॉडीगार्ड बगल के कमरे में मौजूद था. इसी दौरान गोली चलने की आवाज सुनाई दी. आवाज सुनकर एक बॉर्डीगार्ड कमरे से बाहर निकले और दरवाजा खटखटाया. दरवाजा नहीं खुलने पर उसे तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां बॉडीगार्ड निरंजन महतो गोली लगने से मृत अवस्था में मिले.
एसपी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची. एफएसएल की टीम भी घटनास्थल पर जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मौत आत्महत्या के कारण हुई या राइफल की सफाई के दौरान गोली चलने से यह घटना घटी.
उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. आसपास मौजूद लोगों ने भी गोली चलने की आवाज सुनी थी. फिलहाल पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और वैज्ञानिक जांच के साथ अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है.
एसपी ने बताया कि इस्तेमाल की गई एके-47 स्वचालित राइफल है. इसकी सेटिंग के अनुसार एक साथ कई राउंड फायर हो सकते हैं. घटनास्थल पर बर्स्ट फायरिंग की बात सामने आई है. हालांकि बॉडीगार्ड की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा.
