जम्मू-श्रीनगर में सभी प्रमुख यात्राएं आज शुक्रवार को छठे दिन भी स्थगित रहीं. लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर रुक-रुक कर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (एनएच-44) बंद रहा.
अधिकारियों ने बताया कि रास्ता साफ करने का काम चल रहा है, लेकिन हाईवे को अभी तक ट्रैफिक के लिए सुरक्षित घोषित नहीं किया गया है.
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे और भूस्खलन और पत्थर गिरने की संभावना को देखते हुए यात्रा करने से बचें. अधिकारियों ने लोगों से यह भी अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल और ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट के माध्यम से सड़क की स्थिति की आधिकारिक जानकारी लें.
600 पर्यटक घाटी से बाहर गए
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने के कारण नॉर्दर्न रेलवे ने गुरुवार को श्रीनगर और कटरा के बीच एक स्पेशल ट्रेन चलाई और 600 पर्यटक घाटी से बाहर गए. अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए यात्रियों की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल के निर्देश पर जम्मू डिवीजन की ओर से यह स्पेशल ट्रेन चलाई गई थी.
सिंघल ने कहा, “यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सड़क यातायात की धीमी गति को देखते हुए डिवीजन ने स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया ताकि यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी मंजिल तक पहुंच सकें.”
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले एनटीईएस ऐप, आईआरसीटीसी वेबसाइट या 139 रेलवे हेल्पलाइन के माध्यम से ट्रेन की ताजा स्थिति की जांच कर लें. अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के दौरान निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू डिवीजन जरूरत पड़ने पर स्पेशल ट्रेनें चलाता रहा है.
