रांचीः आय से अधिक संपत्ति के मामले में आईएएस अधिकारी विनय चौबे से शनिवार को भी एसीबी की पूछताछ जारी है. जांच एजेंसी ने शुक्रवार को उन्हें चार दिनों के लिए रिमांड पर लिया है.
उनसे नोएडा, पटना, रांची में संपत्तियों, निवेश और विदेश यात्राओं के अलावा कारोबारी विनय सिंह के सहयोग से धन निवेश के मामले में पूछताछ की जा रही है.
इससे पहले जांच एजेंसी चौबे के परिवार के सदस्यों से भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूछताछ कर चुकी है.
एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में 24 नवंबर 2025 को विनय चौबे समेत सात लोगों पर केस दर्ज किया था. इनमें नेक्सजेन के संचालक विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के अलावा विनय चौबे की पत्नी स्वपना संचिता, ससुर सत्येंद्र नाथ तिवारी, साला शिपिज त्रिवेदी, साले की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी आरोपी बनाये गये हैं.
खबरों के मुताबिक शुक्रवार को पूछताछ के दौरान विनय चौबे ने बताया कि उन्हें परिवार की संपत्ति से लेना-देना नहीं है. और न ही उन्होंने किसी के मार्फत किसी किस्म का धन निवेश किया है. प्रथंम श्रेणी के लोकसेवक होने के नाते सरकार को हर वर्ष अपनी संपत्ति की जानकारी देते रहे हैं.
हालांकि, जांच एजेंसी विनय चौबे की इस जानकारी के तह में जाने की कोशिश कर रही है. इसी सिलसिले में शनिवार को एसीबी ने विनय चौबे से उनकी संपत्तियों के बारे में कई सवाल किए हैं.
एसीबी को यह जानकारी हाथ लगी है कि विनय चौबे ने ज्ञात स्रोतों से 2.20 करोड़ रुपये की अधिक कमाई की है. इस धन को उन्होंने न केवल अपने नाम पर, बल्कि अपनी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर एसएन त्रिवेदी, साले और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर निवेश किया है.
इसके अलावा, एसीबी को उनके सहयोगी विनय सिंह की ऑटोमोबाइल कंपनी और कुछ शेल कंपनियों के माध्यम से काले धन को सफेद करने के प्रमाण मिले हैं. एसीबी फिलहाल इन शेल कंपनियों के ट्रांजेक्शन खंगाल रही है.
चार केस दर्ज हैं
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने चार केस दर्ज किए हैं. इनमें शराब घोटाला भी शामिल है. शराब घोटाला में उन्हें जमानत मिल गई है.
इनके अलावा हजारीबाग में एक ट्रस्ट की भूमि में घोटाला, वन भूमि घोटाला, और आय से धिक संपत्ति अर्जित करने का मामला है. खराब स्वास्थ्य के कारण विनय चौबे अभी रिम्स में इलाज के लिए भर्ती हैं. एसीबी ने शुक्रवार को उन्हें रिम्स से ही रिमांड पर लिया है.
