रांचीः झारखंड में शराब घोटाले की जांच कर रही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बुधवार को दो और अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. एसीबी ने वीबरेजेज कॉरपोरेशन के पूर्व जीएम ऑपरेशन सुधीर कुमार और वर्तमान जीएम फाइनेंस सुधीर कुमार दास को गिरफ्तार किया है.
जांच एजेंसी ने विजन नाम की प्लेसमेंट एजेंसी के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया है. नीरज, गिरफ्तार उत्पाद अधिकारी गजेंद्र सिंह का दूर का रिश्तेदार है.
गुरुवार को तीनों लोगों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
सुधीर कुमार वर्तमान में रियाडा में पदस्थापित हैं, इससे पहले वो उत्पाद विभाग में पदस्थापित थे.
मंगलवार को एसीबी ने शराब घोटाले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तथा तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे और उत्पाद विभाग के संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था. दोनों अधिकारी फिलहाल न्यायिक हिरासत में रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं.
बुधवार को जांच के लिए एसीबी की टीम उत्पाद भवन पहुंची. एसीबी की टीम के उत्पाद भवन पहुंचने की खबर मिलते ही कई अधिकारी और कर्मचारी अपनी अपनी कुर्सी छोड़ कर खिसकने लगे.
वित्तीय जानकारी और प्लेसमेंट एजेंसियों को कथित तौर पर अनैतिक लाभ पहुंचाने के बारे में जानकारी जुटाने के बाद बाद एसीबी ने वीबरेजेज कॉरपोरेशन से जुड़े दोनों अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया.
गौरतलब है कि मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग, झारखण्ड रांची से अनुमोदन के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची कांड सं0-09/25, दिनांक-20.05.25 को दर्ज किया गया है.
एसीबी के मुताबिक तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे समेत अन्य अधिकारियों ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए प्लेसमेंट एजेंसियों का चयन कर विहित प्रक्रिया एवं प्रावधान का समुचित अनुपालन, क्रियान्वयन नहीं करते / कराते हुए आपराधिक मिलीभगत से कुटरचना (खुटचाल) कर सरकार के साथ जालसाजी और धोखाधड़ी की है तथा प्लेसमेंट एजेंसियों को अनैतिक लाभ पहुँचाया है. इससे झारखंड सरकार को लगभग 38 करोड का नुकसान होने संबंधित प्रर्याप्त साक्ष्य जांच एजेंसी को मिले हैं. इसी आधार पर यह कांड दर्ज किया किया गया था.
