रांचीः झारखड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं हुई गड़बड़ी का आरोपी अभय तिवारी की जमानत याचिका सीआईडी कोर्ट से खारिज कर दी गई है.
इससे पहले मंगलवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभय तिवारी को कथित नियुक्ति घोटाले का मास्टरमाइंड बताया।
सीआईडी ने इस बात पर भी जोर दिया कि परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल के में मार्केटिंग मैनेजर रहते हुए अभय तिवारी ने अपने सगे-संबंधियों को अनुचित लाभ पहुंचाया.
अन्य कई अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की कथित वसूली की और नौकरी दिलाने की अवैध सेटिंग की. खुद भी कई परीक्षाएं पास की. अभय तिवारी इस पूरे नियुक्ति घोटाले का मुख्य सूत्रधार है. साथ ही वह एक प्रभावशाली नेटवर्क का हिस्सा रहा है. बाहर आने पर जांच प्रक्रिया के साथ-साथ सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है. बहसों के मद्देनजर सीआईडी कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी.
