रांचीः झारखंड की राजधानी रांची के मौसीबाड़ी से लापता हुए दो मासूम अंश और अंशिका की बरामदगी के बाद रांची पुलिस ने बच्चा चोर गिरोह का बड़ा पर्दाफाश किया है.
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने रविवार की शाम मीडिया से बातचीत में जानकारी दी कि अलग- अलग जगहों पर छापेमारी में 12 बच्चे बरामद किए गए हैं. जबकि बच्चा चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें 5 महिलाएं शामिल हैं.
इससे पहले पांच साल के अंश और चार की अंशिका (दोनों भाई-बहन) की ट्रैफिकिंग करने वाले नव खरवार और सोनी कुमारी को रामगढ़ जिले के चितरपुर से गिरफ्तार किया गया था. ये दोनों फिलहाल रांची पुलिस की रिमांड पर हैं.
इन दोनों से गहन पूछताछ के बाद सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी और ट्रैफिक एसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने अलग- अलग जगहों पर छापेमारी कर 12 बच्चों को बरामद किया है. इनमें कुछ किशोरवय के हैं. जबकि 13 बच्चा चोरों को भी गिरफ्तार किया गया है.यानी अब तक कुल 15 लोग गिरफ्तार किए गए हैं.
मानव तस्करी से जुड़े हैं तार
एसएसपी ने बताया है कि अभियुक्तों के स्वीकारोक्ति बयान से यह बात भी प्रकाश में आई है कि इस गिरोह के द्वारा अपहृत बच्चों को भीख मांगने / बेचने/देह व्यापार और मानव तस्करी के लिए किए जाने की पुष्टि हुई है.
उन्होंने बताया कि अंश-अंशिका के गायब करने के मामले में धुर्वा थाना में दर्ज केस के अनुसंधान के क्रम में इस कांड में गिरफ्तार अभियुक्त लव खरवार और सोनी कुमारी को पुलिस रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ में पता चला है कि एक संगठित गिरोह सुनियोजित तरीके से बच्चों के अपहरण कर राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में छुपाकर रखते हैं.
इस गिरोह के पुरूष एवं महिला सदस्य झारखंड के अतिरिक्त सीमावर्ती राज्य यथा बिहार, बंगाल, उड़ीसा में भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहने की बात स्वीकार की है.


औरंगाबाद और बंगाल में बेच दी
पुलिस अधिकारी ने बताया है कि गिरोह के सदस्यों से पूछताछ के आधार पर रांची के सिल्ली, रामगढ़ के कोठार, लातेहार के बरियातू से 12 बच्चों की बरामदगी की गई है. इनमें से दो बच्चों को दो वर्ष पूर्व खादगढ़ा बस स्टैंड रांची से गायब कर दिया गया था. जबकि एक बच्ची को संबलपुर रेलवे स्टेशल स्टेशन से गायब किया गया.
अन्य बरामद बच्चों के बारे में गिरोह के सदस्यों ने बताया है कि जगरनाथपुर, रांची, लातेहार और धनबाद से गायब किए गए थे.
पुलिस अधिकारी ने बताया है कि गिरफ्तार अभियुक्तों के द्वारा व्यपहृत कुछ बच्चों को बिहार के औरंगाबाद जिला एवं बंगाल में बेचे जाने की बात बताई गई है. अभी इस काण्ड में और भी अभियुक्तों के शामिल रहने एवं अन्य बच्चो की बरामदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिस पर एसआईटी, वरीय पदाधिकारी के निर्देशन में लगातार काम कर रही है.

अंश-अंशिका की बरामदगी
गौरतलब है कि झारखंड की राजधानी रांची के मौसीबाड़ी इलाके से लापता दो मासूम बच्चे अंश और अंशिका को रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से बरामद करने के बाद पुलिस इस अंतर्राज्यीय गिरोह की पड़ताल में जुटी है. पुलिस को कई अंश-अंशिका को गायब करने वाले दोनों लोगों से कई किस्म की जानकारी मिली है.
अनुसंधान के लिहाज से पुलिस ने अभी बहुत कुछ खुलासा नहीं किया है. लेकिन पुलिस की एसआईटी लगातार इस मामले में काम कर रही है. पुलिस की टीम लगातार अलग-अलग जगहों पर छापेमारी भी करती रही है.
बच्चा चोरी गिरोह के सदस्यों का कनेक्शन बिहार-यूपी के साथ बंगाल तक खंगाला जा रहा है. पुलिस को इसकी भी जानकारी हाथ लगी है कि मिर्जापुर में एक गैंग से इन चोरों का संपर्क रहा है.
